Jabalpur Highcourt : हाई कोर्ट ने लैब अटेंडेंट का मनमाना तबादला निरस्त किया

Updated: | Wed, 27 Oct 2021 05:10 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकलपीठ ने सागर निवासी लैब अटेंडेंट कविता चौबे का मनमाना तबादला निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा, शिवम शर्मा व अमित स्थापक ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता सागर की हायर सेकंडरी स्कूल में असिस्टेंट ग्रेड-टू लैब अटेंडेंट बतौर पदस्थ थीं। इसके बावजूद उनका मनमाना तबादला प्राइमरी स्कूल कर दिया गया। सवाल उठता है कि जब प्राइमरी स्कूल में लैब ही नहीं होती, तो याचिकाकर्ता का वहां क्या काम। इस रवैये के खिलाफ पूर्व में रिट पिटीशन दायर की गई थी, जिसका इस निर्देश के साथ पटाक्षेप कर दिया गया था कि 30 दिन के भीतर शिकायत दूर करें। ऐसा इसलिए किया गया था, क्योंकि याचिकाकर्ता को रिलीव करने की जानकारी राज्य शासन की ओर से प्रस्तुत कर दी गई थी। जब मामला अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा के पास आया, तो उन्होंने आवश्चर्यजनक तथ्य रेखांकित किया। वह यह कि एक लैब अटेंडेंट को प्राइमरी स्कूल कैसे भेज दिया गया। इसी आधार पर रिव्यू पिटीशन फाइल कर दी गई। जस्टिस नंदिता दुबे ने मामले के मूल तथ्य को उचित पाकर राहतकारी आदेश पारित कर दिया।

लोन की किश्त जमा न करने पर कार जप्त करने पर नोटिस : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने लोन की किश्त जमा न करने पर कार जप्त किए जाने के मामले में बैंक सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है। याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी विकास कोल की ओर से अधिवक्ता ओमशंकर विनय पांडे, अंचन पांडे व दिलीप शुक्ला ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि कार खरीदने के लिए लोन लिया था। लाकडाउन से पूर्व सभी किश्तें समय पर जमा की गईं। इसके बावजूद लाकडाउन के दौरान पैनाल्टी लगाकर डिमांड नोटिस भेज दिया गया। यही नहीं कार जब्‍त कर ली गई। कार कटनी कुठला के यार्ड में रखी गई है और पूरी किश्त जमा न करने पर कार बेचने की चेतावनी दी गई है।

Posted By: Brajesh Shukla