Jabalpur Highcourt News : 60 दिन के भीतर पेट्रोल पंप के सामने से हटाएं अतिक्रमण

Updated: | Wed, 04 Aug 2021 05:15 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका का इस निर्देश के साथ पटाक्षेप कर दिया कि सक्षम अधिकारी शिकायत को गंभीरता से लेकर 60 दिन के भीतर पेट्रोप पंप के सामने से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान जनहित याचिकाकर्ता मैहर, सतना निवासी पुरुषोत्तम कुशवाहा की ओर से अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार शुक्ला ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि जनहित याचिकाकर्ता पेट्रोप पंप का संचालक है। एनएच-7 के किनारे मैहर, सतना मार्ग पर उसका पेट्रोप पंप संचालित है। जया नामक एक महिला ने मनमाने तरीके से पेट्रोप पंप के ठीक सामने अवैध निर्माण व अतिक्रमण कर लिया है। इस वजह से न केवल पेट्रोप पंप का संचालन प्रभावित हो रहा है वरन जनता को भी आने-जाने में परेशानी हो रही है। इस तरह मामला व्यापक जनहित बाधित होने से संबंधित है। पूर्व में शिकायत पर तहसीलदार से जांच कराई थी और रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें अतिक्रमण पाया गया था। लिहाजा, अतिक्रमण हटाने का आदेश भी पारित किया गया था। लेकिन एक साल गुजरने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सीमांकन हो चुका है, पर अतिक्रमण बरकरार है। जनता को पेट्रोप पंप तक जाने में घूमकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। हाई कोर्ट ने पूरा मामला समझने के बाद व्यापक जनहित में अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित कर दिया।

सहारा इंडिया के ब्रांच मैनेजर के खिलाफ वारंट, जिला उपभोक्ता आयोग ने 20 अगस्त को पेश करने दिया निर्देश :

जिला उपभोक्ता आयोग जबलपुर ने पूर्व आदेश का पालन न करने पर सहारा इंडिया की राइट टाउन, जबलपुर स्थित शाखा के मैनेजर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। आयोग के अध्यक्ष केके त्रिपाठी ने जबलपुर एसपी को निर्देश दिया कि वे अनावेदक ब्रांच मैनेजर से पांच लाख 23 हजार रुपये की जमानत लेकर 20 अगस्त को कोर्ट के समक्ष हाजिर करें। जमानत न पेश किए जाने की सूरत में गिरफ्तार कर पेश किया जाए। परिवादी की ओर से अधिवक्ता अरुण जैन, विक्रम जैन ने कोर्ट को बताया कि उनकी पक्षकार जबलपुर निवासी चन्दा चौधरी के परिवाद को आयोग ने 20 फरवरी 2021 को स्वीकार किया। कोर्ट ने राइट टाउन स्थित स्थानीय सहारा इंडिया के ब्रांच मैनेजर को आदेश जारी किया कि परिवादी चन्दा चौधरी को 5 लाख 23 हजार रुपये का भुगतान करें। आदेश का पालन न करने पर उपभोक्ता आयोग ने 15 जुलाई 2021 को सहारा इंडिया ब्रांच मैनेजर के खिलाफ इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके बावजूद परिवादी को सहारा इंडिया की ओर से यह भुगतान नही किया गया। तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने अनावेदक बैंक मैनेजर के खिलाफ वारंट जारी कर दिया।

Posted By: Brajesh Shukla