Jabalpur News: जीते-जीते रक्तदान, जाते-जाते देहदान को चरितार्थ कर गए नरेंद्र, संवरेगा भविष्य

Updated: | Sat, 25 Sep 2021 06:47 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जीते जीते रक्तदान जाते-जाते देहदान को नरेंद्र नेमा चरितार्थ कर गए। जिसके कारण कोरोना काल में ठप पड़ी देहदान की प्रक्रिया मेडिकल कालेज अस्पताल में फिर से प्रारंभ हुई। अप्रैल 2020 में एक मृत देह मिलने के बाद से कोविड की वजह से यह प्रक्रिया ठप पड़ी थी। परंतु यादव कालोनी निवासी नरेंद्र नेमा 55 वर्ष द्वारा मृत्यु से पूर्व की गई देहदान की इच्छा को स्वजन ने पूरा किया। स्वजन ने औपचारिकता पूर्ण करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल के एनाटामी विभाग में नरेंद्र नेमा की मृत देह सौंपी। जानकारी के मुताबिक चिकित्सा महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए मानव शरीर की कमी को लेकर नरेंद्र नेमा अक्सर चिंता जाहिर करते थे। जिसके बाद उन्होंने मृत्यु उपरांत देहदान का संकल्प लिया था। असमय मौत के बाद स्वजन ने उनकी अंतिम इच्छा पूरी की। शैलेंद्र व सतेंद्र नेमा व अन्य स्वजन नरेंद्र नेमा की पार्थिक देह लेकर मेडिकल पहुंचे। डीन डा. प्रदीप कसार, एनाटामी विभाग प्रमुख डा. एनएल अग्रवाल की मौजूदगी में उनकी देह का दान किया। मृत देह लेने से पूर्व कोविड न होने की पुष्टि की गई।

नहीं थम रहा डेंगू, फिर मिले 16 मरीज: जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। डेंगू के 16 नए मरीज मिले जिसके बाद मरीजों की कुल संख्या 571 हो गई है। ग्रामीण इलाकों में भी डेंगू पांव पसारने लगा है। इधर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे सर्वे अभियान में एक हजार 338 घरों में स्वास्थ्य कर्मचारी पहुंचे। इन घरों में 6 हजार 654 कंटेनरों की जांच की गई। 79 घरों में रखे 90 कंटेनरों में मच्छरों के लार्वा पनप रहे थे, जिनका विनष्टीकरण कराया गया। सर्वे के दौरान 569 लोग बुखार से पीडि़त मिलें रक्त पट्टी संग्रह कर मलेरिया की जांच कराई गई। मलेरिया की संख्या शून्य रही जबकि डेंगू के 16 मरीज मिले।

जिला मलेरिया अधिकारी डा. राकेश पहारिया ने बताया कि डेंगू से पीडि़त 200 मरीजों के घरों में स्पेस स्प्रे एवं फागिंग कराई गई। मलेरिया विभाग के कर्मचारी प्रवीण तिवारी, नवीन यादव, ब्रजेश मिश्रा व टीम के अन्य सदस्यों ने घरों में उपचार करवा रहे डेेंगू मरीजों की सेहत की जानकारी ली। इस दौरान अमले ने नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कीटनाशक के छिड़काव की तकनीकी जानकारी ली।

Posted By: Ravindra Suhane