HamburgerMenuButton

Jabalpur News: ये क्या हो रहा है जिला अस्पताल में, कोरोना मरीजों के स्वजन ढो रहे ऑक्सीजन सिलिंडर, पढ़िए क्या है वजह

Updated: | Mon, 19 Apr 2021 10:39 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिला अस्पताल विक्टोरिया में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए स्वजन को ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। बताया जाता है कि अस्पताल में सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम होने के बावजूद कोरोना के मरीजों को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है, जिससे उनका दम घुट रहा है।

आरोप हैं कि कई मरीज ऑक्सीजन की कमी के कारण बेमौत मारे जा चुके हैं। आक्सीजन की कमी से 22 साल के युवक मयंक बड़गैया ने उपचार के दौरान विक्टोरिया अस्पताल में दम तोड़ दिया। स्वजन ने उसे कोविड वार्ड में भर्ती कराया था। मयंक की मौत के बाद रोते बिलखते स्वजन अस्पताल की उपचार व्यवस्था पर सवाल खड़े करते नजर आए। उन्होंने कहा कि आक्सीजन की कमी के कारण मयंक को असमय जान से हाथ धोना पड़ा। शाहीनाका निवासी राकेश साहू की कोविड वार्ड में हुई असमय मौत के लिए भी आक्सीजन की कमी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मयंक व राकेश की तरह कुछ अन्य मरीजों की मौत के लिए आक्सीजन की कमी बताई जा रही है। इधर, रविवार को विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कुछ कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वजन आक्सीजन सिलिंडर ढोते रहे। अस्पताल में आक्सीजन की किल्लत का पता चलने के बाद उन्होंने किराए पर सिलिंडर लेकर स्वजन का उपचार कराया।

अस्पताल सूत्रों का कहना है कि रोजाना जितनी मात्रा में आक्सीजन की आपूर्ति हो रही है उससे ज्यादा खपत बनी हुई है। कोरोना संक्रमित अथवा संदिग्ध मरीज को जिस मात्रा में आक्सीजन दी जानी चाहिए उसका प्रबंधन ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते आक्सीजन की कमी से मरीजों का दम घुट रहा है जो उनकी मौत के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। इधर, रविवार को विक्टोरिया के कोविड वार्ड में सात मरीजों की मौत हुई। वहीं विगत रात्रि कोविड वार्ड में 11 मरीजों को जान से हाथ धोना पड़ा था।

भैया कहीं से एक इंजेक्शन ही दिलवा दो: कोरोना महामारी के कारण शहर में त्राहि—त्राहि मची है। किसी अस्पताल में आक्सीजन, पलंग व वेंटीलेटर की मारामारी है तो कहीं रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए लोग परेशान हैं। इंजेक्शन को लेकर परेशानी इस कदर बढ़ गई है कि मरीजों के स्वजन लोगों से मिन्नतें करते रहते हैं कि भैया कहीं से एक इंजेक्शन ही दिलवा दो। इंजेक्शन के साथ फेबीफ्लू दवा का स्टॉक ज्यादातर दुकानों से खत्म हो चुका है। होम व संस्थागत आइसोलेशन वाले कोरोना के संदिग्ध व संक्रमित मरीजों को इस दवा के सेवन की सलाह दी जा रही है।

Posted By: Ravindra Suhane
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.