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Jabalpur News: हाई कोर्ट ने कहा- सीवर लाइन का कार्य मानसून से पहले पूरा कराने मुहैया कराएं बजट

Updated: | Thu, 04 Mar 2021 09:48 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि जबलपुर में सीवर लाइन का अधूरा पड़ा कार्य मानसून से पहले पूरा कराने अपेक्षित बजट मुहैया कराया जाए। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे जल जीवन मिशन से लिंक किए बिना इसके लिए निश्चित योजना प्रस्तुत करें। पांच अप्रैल तक शपथ पत्र पर यह जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

2006 से सीवर लाइन का कार्य जारी : जनहित याचिकाकर्ता कांग्रेस नेता सौरभ नाटी शर्मा की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी ने कोर्ट को बताया कि जबलपुर में 2006 से सीवर लाइन का कार्य जारी है। लेकिन इसकी गति कछुआ समान धीमी है। सीटीई की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 490 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद महज 34 फीसद कार्य पूर्ण हो सका है।

533 करोड़ की आवश्यकता : उन्होंने बताया कि नगर निगम, जबलपुर ने प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन को डीपीआर भेजा है। सीवर लाइन का अटका हुआ कार्य सुचारू करने के लिए 533 करोड़ रुपये की आवश्यकता दर्शाई गई है। लेकिन यह राशि जारी नहीं हो रही है। इससे सीवर लाइन का काम जहां का तहां रुका हुआ है। इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ता संघी ने दलील दी कि कोर्ट के पूर्व निर्देश के पालन में चीफ टेक्निकल एग्जामिनर की रिपोर्ट पेश हो चुकी है। जिसके मुताबिक कई जगहों पर सीवर लाइन के साथ जबलपुर में जल प्रदाय की लाइन भी कनेक्ट है। ऐसे में यदि मानसून से पूर्व सीवर लाइन का कामकाज पूरा नहीं होता तो शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

36 फीसद ही काम हुआ : नगरीय प्रशासन विभाग प्रमुख सचिव की ओर से कहा गया कि जबलपुर नगर निगम की ओर से भेजे गए डीपीआर के अनुसार फंड उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान में कोई ऐसी योजना नही है। इसके लिए फंड ट्रांसफर किया जाना है। इस जवाब को कोर्ट ने संतोषजनक नहीं पाया। कोर्ट ने कहा कि यह हमारे सवाल से पल्ला झाड़ने की कोशिश है। कोर्ट ने कहा कि 14 साल में महज 36 फीसद ही काम हुआ है। जबकि इस दौरान शहर चारों ओर विस्तृत हो गया। इसके चलते प्रोजेक्ट का खर्च बढ़ गया। अब इसके काम मे गति लाने के लिए फंड की जरूरत है। सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के साथ सीवर लाइन के काम को लिंक करने का प्रस्ताव कोर्ट ने ठुकरा दिया।

Posted By: Brajesh Shukla
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