Jabalpur News : नगर निगम सीमा क्षेत्र के भीतर कैसे संचालित हो रही डेयरियां, प्रदूषण को एनजीटी में चुनौती

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 01:45 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक डेयरियों का मामला पहुंचा। समय-समय पर विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसके बाद मामला एनजीटी पहुंचा। वहां से भी दिशा-निर्देश जारी हुए। लेकिन जबलपुर के नगर निगम सीमा क्षेत्र के भीतर डेयरियों की समस्या यथावत है। डेयरियों को स्थानांतरित करने की दिशा में ठोस प्रयास नदारद रहे। इसीलिए नए सिरे से एनजीटी की शरण लेकर प्रदूषण को चुनौती दी गई है।

एनजीटी ने मांगा जवाब : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, एनजीटी ने जबलपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र से डेयरियों को नहीं हटाने पर मुख्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एनजीटी के जस्टिस शिवकुमार सिंह व एक्सपर्ट मेम्बर अरुण कुमार वर्मा की युगलपीठ ने छह सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई एक दिसंबर 2021 को निर्धारित की गई है।

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर के प्रांताध्यक्ष डा. पीजी नाजपांडे और नयागांव, जबलपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता रजत भार्गव की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि जबलपुर नगर निगम क्षेत्र में लगभग 450 छोटी-बड़ी डेयरियां संचालित है। पचपेढ़ी जैसे पाश इलाके में भी डेयरियां संचालित हो रही है। इन डेयरियों से निकल रहा गंदा पानी और गोबर इधर-उधर फेंका जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि शहर में डेयरियों से निकलने वाली गंदगी से डेंगू और मलेरिया में मच्छर पनप रहे है। इसके कारण ही प्रदेश में सबसे ज्यादा डेंगू और मलेरिया जबलपुर में फैल रहा है। अधिवक्ता प्रभात यादव ने बताया कि एनजीटी ने 6 जुलाई 2020 को निर्देश जारी कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक नगर निगम ने डेयरियां नहीं हटाई है। इस मामले में आवेदन दायर कर डेयरियों को हटाने की मांग की गई है।

Posted By: Brajesh Shukla