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Jabalpur News : बड़ी मढ़िया में नवदुर्गा की नौ पाषाण प्रतिमाओं का हो रहा पूजन

Updated: | Wed, 14 Apr 2021 04:55 PM (IST)

जबलपुर/गांधीग्राम, नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर स्थित लगभग 200 वर्ष पुराना बड़ी मढ़िया नौ देवी मंदिर ग्राम के नायक परिवार ने बनाया था। बुढ़ानसागर तालाब के तल से लगभग 150 फीट ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध देवी मंदिर लोगों की आस्था व विश्वास का केंद्र है। इस मंदिर में नवदुर्गा की नौ विविध स्वरूपों की पाषाण प्रतिमाएं स्थापित हैं। इन प्रतिमाओं को नवरात्र के समय स्वर्ण चंद्र आभूषणों से सुसज्जित किया गया है।

बुढ़ानसागर तालाब में होता है जवारों का विसर्जन : इस मंदिर की मान्यता है कि मां के मंदिर में भक्त जवारे कलश में जवारे बुवाई कर कलश को 9 दिवसों तक अभिसिंचित करते हैं। नवरात्र के अंतिम दिन जवारों को शिरोधार्य कर बुढ़ानसागर तालाब में विसर्जन कर कुछ जवारों को मां के चरणों में चढ़ाते हैं। इस बार मंदिर में जवारे कलश बोए गए हैं। जिन्हें सींचने के लिए समिति कार्य कर रही है। इस मंदिर में नवरात्र में 9 दिनों तक मां के चरणों में जल चढ़ाने वाले भक्तों की झोली मातारानी भर देती है।

नौ दिन होती है आराधना : बड़ी मढ़िया माता रानी के दरबार के बारे में कहा जाता है कि यहां से मां का कृपा प्रसाद भक्तों को उनकी मनोकामना पूर्ण होने के रूप में प्राप्त होता है। मां के अनेक भक्तों के असाध्य रोगों से मुक्ति, महिलाओं को पुत्रवती होने की कामना पूर्ण हुई है, ग्राम के बुजुर्गों का कहना है कि लगभग तीन बार आकाशीय बिजली गिरने के बाद भी मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। मंदिर समिति के नेमचंद असाटी, सोहनलाल, मोहनलाल, कमलेश असाटी, दीना असाटी, उमेश कुमार, ब्रजेश, लकी, मोंटी, आयुष आदि ने बताया कि कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के कारण सुबह पूजन के बाद से नवरात्र में पट बंद कर दिए जाते हैं। माता की चरण पादुकाओं को जल ढारने महिलाएं निश्चित क्रम से आती हैं। मंदिर में पुजारी सुभाष मिश्रा, सुरेन्द्र चौबे द्वारा सुबह और रात में पूजन पाठ किया जा रहा है।

Posted By: Brajesh Shukla
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