Jabalpur News : उत्तम स्वास्थ्य के लिए पोषक अनाज भविष्य की जरूरत

Updated: | Sat, 23 Oct 2021 07:45 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। खरपतवार अनुसंधान निदेशालय जबलपुर द्वारा विज्ञानिक-कृषक परिचर्चा का आयोजन बरगी क्षेत्र में किया गया। साथ ही कृषकों के खेतों में निदेशालय द्वारा किए जा रहे अनुसंधान प्रदर्शनी का भ्रमण भी किया गया। कार्यक्रम में सहायक महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली डा. सूर्यनारायण भास्कर मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर किसानों को कृषि से संबंधित जानकारी प्रदान कर उन्हें जागरूक करने की कोशिश की गई। जिससे वे कम खर्च में ज्यादा उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय को बढ़ा सकें। इस कार्यक्रम में लगभग 50 शिक्षकों ने भाग लिया। जिसमें बरगी क्षेत्र के किसानों के अलावा डा. बीपी सिंह प्रधान विज्ञानिक भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान लखनऊ, यूपी सिंह वरिष्ठ प्राध्यापक बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के साथ ही अन्य विज्ञान और तकनीकी अधिकारी भी उपस्थित रहे। डा सूर्यनारायण भास्कर ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों को खरपतवार अनुसंधान निदेशालय द्वारा विकसित खरपतवार प्रबंधन तकनीक के बारे में बताया गया है जिसे उन्हें अपनाना चाहिए। उन्होंने 2023 को विश्वव्यापी अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाने और उसमें परिषद की भूमिका के बारे में बताया। किसानों को मिलेट के साथ-साथ अन्य फसलों के बीज भंडार तैयार करने और किसानों को किस्मों को संरक्षित करने, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों को आपस में बांटकर खेती करने के लिए कहा। साथ ही साथ निदेशालय द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की सराहना भी की।

संसाधनों का उपयोग करें : निदेशालय के निदेशक डा. जेपी मिश्र ने कहा कि खरपतवारों के कारण कृषकों को उत्पादन में लगभग 37% तक नुकसान होता है अतः खरपतवार प्रबंधन के विभिन्न आयामों को संसाधनों की उपलब्धता के अनुरूप उपयोग करना चाहिए। और उससे होने वाले नुकसान को कम करने का प्रयास करना चाहिए। खेती की लागत में कमी और भारत सरकार की अपेक्षा अनुरूप अपने लाभ को दोगुना करना है। हमें हमारे पोषण को ध्यान में रखते हुए संतुलित आहार अपनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का संयोजन मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम के संयोजक डा. केपी सिंह ने किया। जिसमें उन्होंने इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में निदेशालय द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि किसान भाई इससे जुड़कर लाभान्वित हो रहे हैं। डा. आरपी दुबे ने अपने अनुभव किसानों के साथ साझा किए। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद डा. वीके चौधरी द्वारा दिया गया।

Posted By: Brajesh Shukla