Jabalpur News: शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरों से प्रताडि़त शिक्षक, कर्मचारी

Updated: | Tue, 19 Oct 2021 03:45 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शिक्षा का उजियारा फैलाने वाला शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। रिश्वतखोरी इन दिनों चरम पर है। शिक्षक, कर्मचारियों से विभागीय अधिकारी मुंहमांगी रिश्वत मांग कर प्रताडि़त कर रहे हैं। हाल ही में ऐसे दो मामले सामने भी आ चुके हैं। पहले संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय और अब बीआरसी कार्यालय में अधिकारी रिश्वत लेते दबोचे गए हैं। उक्त आरोप मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने लगाए हैं।

समिति के जिला अध्यक्ष राबर्ट मार्टिन ने जारी बयान में बताया कि शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरों का बोलबाला है। नीचे से ऊपर तक सिर्फ और सिर्फ घूसखोरी की जा रही है। शिक्षक खासतौर से महिला शिक्षकों मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। समिति के ,मीनू कांत शर्मा, जियाउरहीम, कैलाश शर्मा, एनोस विक्टर, ऋषि पाराशर, सुनील झारिया, हेमंत ठाकरे ,उमेश ठाकुर, योगेश ठाकरे , अब्दुल सत्तार, मुकेश प्रधान, राकेश श्रीवास, निलेश खरे, गिरीश कांत मिश्रा ,आसाराम झारिया आदि ने संभागायुक्त से मांग की है कि शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार से गिर रही साख का बचाने कठोर निर्देश दिए जाए।

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निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा में भेदभाव: मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष अटल उपाध्याय ने बताया है कि अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी खर्चे पर प्रदेश के निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा नहीं दी जा रही है। सरकार द्वारा भेद भाव किया जा रहा है। इलाज महंगा होने के कारण कुछ कर्मचारी और उनके परिजन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे है।

कुछ विभागों में नियमित और कार्यभारित स्थापना के अनेक अधिकारी और कर्मचारी महंगी जांच, फीस और महंगी दवाइयां होने के कारण इलाज भी नहीं करवा पा रहे है। कर्मचारियों को अस्पतालों में भर्ती होने के पश्चात विभागों से इलाज एडवांस भी नहीं दिया जाता है। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संरक्षक योगेंद्र दुबे, नरेश शुक्ला, प्रशांत सोंधिया, मुकेश चतुर्वेदी, संतोष मिश्रा, संजय गुजराल, रविकांत दहायत, अजय दुबे, देव दोनेरिया, एसके वांदिल, योगेश चौधरी, योगेंद्र मिश्रा, विश्वदीप पटेरिया, राजेन्द्र त्रिपाठी कर्मचारियों को निजी अस्पतालों में इलाज की अनुमति प्रदान करने के आदेश जारी करने की मांग की है।

Posted By: Ravindra Suhane