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Jabalpur News: कोरोना संक्रमित युवक को लेकर सात घंटे भटकते रहे स्वजन तब मिल पाया मेडिकल में दाखिला

Updated: | Thu, 15 Apr 2021 10:07 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना संक्रमित मरीज को लेकर स्वजन जबलपुर के अस्पतालों में सात घंटे तक चक्कर लगाते रहे। उसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिला मिल पाया घटना बुधवार गुरुवार दरमियानी रात की है घटना के संबंध में मूलतः सतना निवासी रितु नागर ने बताया कि उनके भाई दीपक नागर 33 वर्ष कोरोनावायरस की चपेट में आ गए हैं। सतना में उन्होंने करीब 6 दिन पूर्व भाई दीपक की कोरोना की जांच कराई थी जिसकी रिपोर्ट बुधवार सुबह मिल पाई रिपोर्ट आने के कुछ देर बाद ही उनके भाई को सांस लेने में दिक्कत शुरू हुई।

रात 8:30 बजे से भटकते रहे: रितु नागर ने बताया कि वह अपने भाई को लेकर सतना से बुधवार रात करीब 8:30 बजे जबलपुर पहुंची थी। लाइफ मेडिसिटी अस्पताल में भाई दीपक को भर्ती करने की पहले से बात हुई थी। परंतु उस अस्पताल ने उपचार करने के लिए साथ में ऑक्सीजन सिलेंडर लाने की शर्त रख दी। उसने प्रयास किया परंतु कहीं भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल पाया। जिसके बाद वह अनंत अस्पताल पहुंची। अस्पताल प्रबंधन ने पहले यह कहा की नकद 100000 रूपये जमा करो तब भर्ती की सुविधा मिल पाएगी। वह 100000 रुपये जमा करने के लिए तैयार हुई, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने जवाब दिया कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज को भर्ती नहीं किया जा सकता। वह कुछ अन्य अस्पतालों में भी गई परंतु हर जगह ऑक्सीजन और अन्य संसाधन की कमी बताकर भाई दीपक को भर्ती करने से मना कर दिया गया।

मेरे लिए भगवान बन गए मेडिकल के डॉक्टर: रितु नागर ने कहा कि मेरे लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टर मयंक चंसोरिया भगवान बन गए। रितु ने कहा कि निजी अस्पतालों के चक्कर लगाकर वह मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची जहां करीब ढाई घंटे तक भाई को लेकर दर-दर भटकती रही। लोगों के हाथ पैर जोड़ती रही, परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। यही जवाब मिल रहा था की जगह नहीं है। रात करीब 2:30 बजे उसने डॉक्टर मयंक चंसोरिया से संपर्क कर अपनी पीड़ा बताई। जिसके बाद डॉ. चंसोरिया की मदद से उसके भाई को मेडिकल अस्पताल में दाखिला मिल पाया और उपचार शुरू हुआ। परंतु इस बीच उपचार में हुए विलंब के कारण उसके भाई की हालत गंभीर हो गई, और बिना ऑक्सीजन के व सांस भी नहीं ले पा रहा है।

Posted By: Ravindra Suhane
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