जबलपुर पुलिस: मुखबरी करने पहुंचे आरक्षक की थाने में धुनाई

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 10:49 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पुलिस महकमे के अंदर मुखबरी करना एक जवान को भारी पड़ गया। मुखबिरी करने वाला भी पुलिस का जवान था। थाने में जैसे ही मुखबिर की खबर लगी आरक्षकों ने धुनाई शुरू कर दी। काफी देर बाद मुखबिर ने बताया कि वो खुद पुलिस महकमे से है और एएसपी के इशारे पर यहां आया था। सच सामने आने के बाद पुलिस के अफसर भी मामले पर पर्दा डालने जुट गए। कोई भी इस मामले पर कुछ भी कहने से बचते दिखा।

मामला गोरखपुर थाने का है। इस थाने की कार्यप्रणाली को एक सादे कपड़े पहले व्यक्ति कैमरे में कैद करता दिखा। थाने के आरक्षकों को उसकी गतिविधि संदिग्ध लगी। पहले उससे पूछताछ की लेकिन जब जवाब से संतुष्ट नहीं हुए तो हाथापाई शुरू कर दी। हाथ-लात जूतों से पीटा। खुद को घिरा देखकर मुखबिर ने बताया कि वह खुद आरक्षक है और एएसपी रोहित काशवानी के कहने पर थाने में जांच पड़ताल करने पहुंचा है। ये सुनकर पीटने वाले आरक्षक हक्के बक्के रह गए। फौरन वरिष्ठ अफसरों तक जानकारी दी गई। पूरे मामले को दबाने की कोशिश हुई। इधर खबर है कि पिटाई करने वाले आरक्षकों को इस मामले में सजा देने की तैयारी हो रही है। बता दे कि चायनीज चाकू पकड़े की कार्रवाही में गोरखपुर पुलिस ने एक युवक को पकड़ा था। जिसके परिजनों का आरोप है कि पुलिस अधिकारी उनके बेटे को रिहा करने के लिए पैसे मांग रहे है।

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भी शिकायत देने का दावा किया गया है। इसी की सच्चाई को जानने के लिए मुखबिर को थाने भेजा गया। जिसकी कार्यप्रणाली खुद संदेह के घेरे में आ गई।

इस संबंध में गोरखपुर थाना प्रभारी अर्चना नागर से बात की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी से अनभिज्ञता जाहिर की। वहीं एएसपी रोहित काशवानी ने कहा कि वो इस संबंध में जानकारी लेंगे। फिलहाल उनके पास जानकारी नहीं है।

Posted By: Ravindra Suhane