Jabalpur Railway News: तीनों मंडल में लगे 299 स्लाइडिंग गेट से बढ़ी सुरक्षा

Updated: | Sun, 01 Aug 2021 04:35 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेल यातायात के संचालन को बढ़ाने के लिए रेलवे हमेशा नई तकनीक का उपयोग करता है। पमरे ने रेलवे फाटकों पर नई तकनीक के स्लाइडिंग गेट लगाए है। जिससे ट्रेन के संचालन में आसान हो और जनता भी सुरक्षित रहे। पमरे महाप्रबंधक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी को टीम वर्क से किए गए कार्यों की सराहना की है।

बताया गया है कि स्लाइडिंग गेट में मेटल के हालो पाइप से मुख्य फाटक जैसा एक स्लाइडिंग फाटक तैयार किया जाता है। यह फाटक गेटमैन के रोलर से स्लाइड करके रोड के दूसरी ओर लॉक हो जाता है। इसे गेटमैन अपने स्थान में बैठकर ही संचालित कर लेता है। वहीं इसके बंद होते और खुलते वक्त सायरन भी बजता है, जिससे लोग सतर्क हो जाते है और वहीं रुक जाते है। इससे फाटक पार कर रहे लोग भी सुरक्षित रहते है। तीनों मंडलों में 299 स्लाइडिंग गेट लगाए गए है। यह गेट लाेगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाए जा रहे है।

जबलपुर मंडल में 117 गेट

बताया जा रहा है कि जबलपुर मंडल में 117, भोपाल मंडल में 80 अैर कोटा मंडल में 102 इंटरलॉकिंग एलसी गेट पर उच्च तकनीक वाले स्लाइडिंग गेट लगे है। रेलवे फाटक के क्षतिग्रस्त या खराब होने की िस्थति में चेन व लॉक के माध्यम से सुरक्षित तरीके से गेटमैन और कर्मचारी को ट्रेन को फाटक से क्रांस करवाना पड़ता है। जिसके कारण ट्रेन धीमी गति से चलाई जाती है। जिससे ट्रेन को अनावश्यक रुप से विलंब होता है। रेलवे ने गेटमैन से संचालित फाटकों को सुरक्षित करने के लिए स्लाइडिंग गेट लगाए है, जिससे रेल संचालक में भी वृद्धि हुई है अौर उसकी गति भी फाटक पर धीमी नहीं करनी पड़ती।

यह होते है फायदे: मुख्य सिग्नल युक्त लेवल क्रॉसिंग फाटक के क्रियाशील न होने की स्थिति में सिग्नल संचालन बाधित न हो इसके लिए स्लाइडिंग लेवल क्रॉसिंग गेट के रूप में कार्य करता है।

इस व्यवस्था में लेवल क्रॉसिंग फाटक के क्षतिग्रस्त होने पर रिपेयरिंग के लिए समय मिल जाता है। कर्मचारियों पर कार्य का दबाव नहीं होता, साथ ही गेटमैन को ट्रैफिक कंट्रोल करने में भी सहायता मिलती है। इसके लगने से सिग्नल युक्त रेलवे फाटक पर फाटक के क्षतिग्रस्त और खराब होने पर भी सिग्नल प्रभावित नहीं होता है। गाड़ियों का संचालन बिना रूकावट होता है।

Posted By: Ravindra Suhane