Jabalpur Workshop News : अन्न शुद्ध होगा तो मन भी शुद्ध रहेगा

Updated: | Mon, 18 Oct 2021 03:42 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। वैश्विक प्रदूषण व अधिक उत्पादन के परिणामस्वरूप कृषकों द्वारा अत्यधिक मात्रा में रसायनिकखादों के उपयेाग के कारण अनेक प्रकार की बीमारियों जैसे थायराइड, हाइपरटेंशन, लिवर डेमेज हो रहे हैं। पंजाब में तो कैंसर एक्सप्रेस तक चलाना पड़ी। यह बात कृषि विज्ञान व बोर्ड आफ मेम्बर जवाहरलाल नेहरू कृषि विवि डा. ब्रजेश अरजरिया ने कही। अवसर था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शिव स्मृति भवन भंवरताल में आयोजित संगोष्ठी का। खाद्य उत्पादन व समस्याओं और महिला किसान विषय पर विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी। डा. अरजरिया ने बताया कि हमारा फसल चक्र पुरातन काल से ही वैज्ञानिक विधि पर आधारित है। भारतीय त्योहारों में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थ भी समय-ऋतु के अनुसार पौष्टिक और ऊर्जावान होते हैं लेकिन वर्तमान में अधिक लाभ लेने के कारण न केवल हमारी फसलें दूषित हो रही हैं बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति भी क्षीण होती जा रही है।

शुद्ध मन से श्रेष्ठ सृजन : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विवि शिव स्मृति भवन की संचालिका भावना बहन ने कहा कि जैसा अन्न होगा वैसा ही मन होगा। अर्थात अन्न शुद्ध होगा तो मन भी शुद्ध रहेगा। शुद्ध मन श्रेष्ठ सृजन करता है। भारत देव भूमि है अर्थात देने वाला देश है और देने की भावना शुद्ध मन से ही संभव है। मानव मन अत्यंत दूषित और प्रदूषित हो चुका है। जिस प्रकार धरती माता भी अत्यधिक रसायनों के उपयोग के कारण प्रदूषित हो गई है। अब एक बार फिर आवश्यकता है अपने मन को श्रेष्ठ व शक्तिशाली बनाने की। इसके लिए राजयोग का अभ्यास आवश्यक है जो संस्था द्वारा हर दिन निश्शुल्क सिखाया जाता है। इस अवसर पर वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डा.एसके पांडे, रेडियोलाजिस्ट डा. लखन वैश्य ने अपने विचार रखे। ब्रह्माकुमारी वर्षा बहन ने राजयोग का अभ्यास कराया। आभार संदीप ब्योहार व संचालन संतोष चक्रवर्ती ने किया।

Posted By: Brajesh Shukla