Karva Chauth 2021: शहर की होटल से लेकर नर्मदा घाट पर देररात तक रही सुहागनों की भीड़

Updated: | Mon, 25 Oct 2021 09:26 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पति की लंबी उम्र की कामना लेकर महिलाओं ने दिनभर निर्जला उपवास रखा और शाम ढलते ही घर की छत से चांद का दीदर कर उनकी पूजा कर अपना व्रत तोड़ा। इस पर्व की रोनक शहर के छतों के साथ होटल से लेकर ग्वारीघाट तक दिखी। करवा चौथ से पहले ही शहर के बाजार सज गए थे। मॉल से लेकर प्रमुख बाजार जाकर महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। उन्हें यह बात अच्छी तरह से पता थी कि रविवार को निर्जला उपवास रहने और पकवान बनाने में व्यस्त होने की वजह से घर से बाहर जाना मुश्किल होगा। हालांकि जो इस दिन बाजार नहीं कर सकीं, उन्होंने रविवार को ही खरीददारी की। खास तौर पर कपड़ा, ज्वेलरी और फुटवेयर बाजार में करवाचौथ की खरीददारी करने वालों की भीड़ रही।

पार्लर से लेकर बाजार में भीड़: शहर के पार्लर से लेकर मुख्य बाजार की सड़क किनारे बैठे मेंहदी लगाने वालों के पास महिलाएं शनिवार शाम से ही पहुंचने लगी थीं। उन्होंने अपनी हथेली पर सजना के नाम की मेंहदी लगाई। इस दौरान कई सजना अपनी सजनी को लेकर मेहंदी लगवाने के लिए बाजार पहुंचे। कोई कार से आया तो कोई बाइक से। महिलाओं को सजने-सवरने में पतियों ने भी पूरा सहयोग किया। इतना ही नहीं उनके दिनभर के काम के दौरान भी उनकी पूरी मदद की।

घर पर बनाए पकवान: रविवार को करवा चौथ मनाने वाले परिवारों में जमकर उत्साह था। घर के बड़े-बुर्जुगों में भी इस पर्व को लेकर उत्साह दिखा। घर के किचन में स्वादिष्ट पकवान बनाने में जुटी महिलाओं ने सभी के स्वाद का खास ध्यान रखा। अंचन पांडे बताती हैं कि करवा चौथ मनाते हुए उन्हें 12 साल हो गए हैं। वे इस दिन होटल जाने की बजाए घर पर ही पकवान बनाती हैं और परिवार के साथ भोजन करती हैं। रविवार को घर पर स्वादिष्ट पकवान बनाए और फिर पति-बच्चों और बड़ों के साथ व्रत तोड़ा।

होटल में जाकर तोड़ा व्रत: चांद का दीदार करने के बाद महिलाओं ने घर की बजाए होटल में जाकर अपना उपवास तोड़ा। शहर की प्रमुख होटल में रविवार रात को भीड़ रही। कई होटलों ने इस दिन के लिए स्वादिष्ट और खास तरह के पकवान बनाने की तैयारी की थी। खासतौर पर करवाचौथ व्यंजनों को भी होटलों ने अपनी मैन्यु में रखा ताकि महिलाओं के साथ बड़े और हर उम्र के लोग इन व्यंजनों का स्वाद दे सकें। देर रात तक होटल में लोगों का आना-जाना लगा रहा।

Posted By: Ravindra Suhane