Lokayukta action in Jabalpur: 20 हजार की रिश्वत के नोटों से गुलाबी हुए बाबू के हाथ

Updated: | Sat, 23 Oct 2021 09:39 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर पालिका सिहोरा में पदस्थ एक बाबू को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। आरोपित बाबू ने एक बिल पास करवाने के एवज में जल प्रदाय सामग्री के सप्लायर ठेकेदार से 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने पहली किस्त के रूप में पांच हजार रुपये बाबू को दे दिए। दूसरी किस्त देने के दौरान ठेकेदार ने संबंधित क्लर्क की शिकायत लोकायुक्त से की। जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने बाबू को 20 हजार रुपये की दूसरी किस्त लेते हुए नगर पालिका कार्यालय के बाहर दबोच लिया। आरोपित क्लर्क के खिलाफ लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

यह है पूरा मामला: खितौला वार्ड नंबर 12 निवासी ठेकेदार देवेंद्र कुमार साहू ने बताया कि उसने एक अप्रैल 2020 को नगर पालिका परिषद सिहोरा में मोटर वाइंडिंग पंप और जल प्रदाय से जुड़ी सामग्री की सप्लाई की थी। जिसका 70 हजार रुपये का बिल डेढ़ साल से पेंडिंग में पड़ा था। बिल को पास करवाने की एवज में नगर पालिका सिहोरा में पदस्थ क्लर्क संतोष दहायत ने ठेकेदार से 25 हजार रुपये की रिश्वत बिल पास करवाने के एवज में मांगी।

ऊपर के कमरे में ली रिश्वत, नीचे लोकायुक्त ने दबोचा: शिकायत पर लोकायुक्त डीएसपी जबलपुर दिलीप झरवड़े ने रिश्वत की दूसरी किस्त के रूप में बाबू संतोष दहायत को दिए जाने वाले 20 हजार रुपये के नोट के सीरियल नंबर नोट करने के बाद उसमें पाउडर लगाकर शिकायतकर्ता देवेंद्र साहू को दे दिए। दोपहर करीब 1:30 बजे के लगभग देवेंद्र साहू नगर पालिका सिहोरा कार्यालय पहुंचा। कार्यालय की पहली मंजिल में बैठे क्लर्क संतोष दहायत को 2000 के 10 नोट (20000 रुपये) रिश्वत के दिए। क्लर्क संतोष दहिया जैसे ही सीढ़ियों से नीचे उत्तरा वैसे ही लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवडे, निरीक्षक कमल सिंह उईके, कांस्टेबल अतुल श्रीवास्तव सोनू चौकसे, विजय और जीत सिंह क्लर्क को दबोच लिया। क्लर्क के जेब में रखें ₹20000 के नोटों के सीरियल नंबर का मिलान किया। पानी से हाथ धुलाते ही क्लर्क के हाथ गुलाबी रंग से रंग गए।

क्लर्क की पेंट की जप्त, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दर्ज किया मामला: लोकायुक्त की टीम ने आरोपी क्लर्क की पेंट उतरवाकर उसे जप्त कर लिया। साथ ही रिश्वत में दिए गए नोटों को जप्त करने के बाद उन्हें सील बंद लिफाफे में बंद किया। टीम ने आरोपित क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

Posted By: Ravindra Suhane