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Madhya Pradesh High Court: हाई कोर्ट से प्रमुख सचिव राजस्व सहित अन्य को नोटिस

Updated: | Thu, 29 Oct 2020 12:40 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कृषि भूमि से जुड़े मामले में यथास्थिति बरकरार रखने का अंतरिम आदेश पारित किया। साथ ही राज्य शासन, प्रमुख सचिव राजस्व, अपर आयुक्त भोपाल संभाग, कलेक्टर रायसेन, तहसीलदार सांची, जिला रायसेन, अनुविभागीय अधिकारी रायसेन को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।

न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता सेंट्रल अकादमी स्कूल, विदिशा निवासी डॉ.प्रेमशंकर शर्मा की ओर से अधिवक्ता शंभूदयाल गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने विधिवत रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से 28 मार्च, 2012 को कृषि भूमि खरीदी थी। उस भूमि के नामांतरण के लिए आवेदन किया गया। तहसीलदार से मामला अनुविभागीय अधिकारी के पास भेज दिया। अनुविभागीय अधिकारी ने कलेक्टर को भेज दिया। कलेक्टर ने आवेदन अस्वीकर कर दिया। जिसके बाद अपर आयुक्त के समक्ष अपील की गई। अपर आयुक्त ने भी अपील निरस्त कर दी। जिससे व्यक्ति होकर हाई कोर्ट आना पड़ा। दरअसल, यह मामला बेवजह परेशान करने से संबंधित है। प्रशासन एक ईमानदार क्रेता को उसकी कृषि भूमि नामांतरित करने के अधिकार से वंचित कर रहा है। चूंकि ऐसा नहीं किया जा सकता अत: राहत अपेक्षित है।

बहस के दौरान साफ किया गया कि कृषि भूमि चैना आत्मज कोका अहिरवार को ग्राम ढकना चपना में राज्य शासन द्वारा पट्टे में प्रदान की गई थी। जिसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में चैना ने अपना नाम दर्ज करा लिया। शासन ने विधिवत ऋण पुस्तिका आदि बना दी। लिहाजा, याचिकाकर्ता ने कृषि भूमि नियमानुसार खरीदी है, जिसका नामांतरण उसके नाम होना चाहिए। हाई कोर्ट ने पूरा मामला समझने के बाद यथास्थिति के निर्देश जारी किए और सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर दिए।

Posted By: Ravindra Suhane
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