मप्र हाई कोर्ट ने दिए अर्जित अवकाश का भुगतान करने के निर्देश

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 04:25 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मप्र हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त शासकीय कर्मी के अर्जित अवकाश का भुगतान करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने राज्य शासन को 45 दिन में अभ्यावेदन का निराकरण करने का निर्देश दिए है।याचिकार्ता सिवनी निवासी राजेश कपूर की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि वे 28 फरवरी, 2018 को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका 200 दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था।

अधिवक्ता रावेंद्र तिवारी ने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने जिला पेंशन अधिकारी को अर्जित अवकाश का भुगतान करने के लिए कई बार अभ्यावेदन दिए, लेकिन तीन साल बाद भी भुगतान नहीं किया गया। सुनवाई के बाद एकल पीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी को अर्जित अवकाश के भुगतान के अभ्यावेदन का 45 दिन में निराकरण करने का निर्देश दिया है।बार-बार आवेदन के बावजूद गंभीरता न बरतने के कारण हाई कोर्ट आना पड़ा। याचिकाकर्ता सेवानिवृत्ति के बाद से कार्यालय के चक्कर काटकर परेशान हो रहा है। उसे कोई सही जवाब नहीं देता।

इससे उसका तनाव बढ़ता जा रहा है। वह कई बार पूर्व अधिकारियों से मिला। लेकिन उसे टाल दिया गया। इससे उसने अपमानित महसूस किया।हाई कोर्ट ने पूरा मामला समझने के बाद निर्देश के साथ याचिका का पटाक्षेप कर दिया।इसके तहत याचिकाकर्ता नए सिरे से अभ्यावेदन प्रस्तुत करेगा। अभ्यावेदन पर विचार के बाद 45 दिन के भीतर समुचित निर्णय लेकर राहत प्रदान करनी होगी। इससे याचिकाकर्ता की समस्या दूर हो जाएगी।इस आदेश के पारित होने से याचिकाकर्ता ने राहत की सांस ली है। अधिवक्ता रावेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान दस्तावेज पेश किए गए। जिससे हाई कोर्ट सहमत हुआ।

Posted By: Ravindra Suhane