MP High Court: हाई कोर्ट ने पावर प्लांट प्रदूषण मामले में फ्रेश सर्वे रिपोर्ट पेश करने दिए निर्देश

Updated: | Thu, 23 Sep 2021 12:05 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने पावर प्लांट प्रदूषण मामले में फ्रेश सर्वे रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जनहित याचिकाकर्ता सीधी निवासी पर्यावरणविद सुभाश सिंह की ओर से अधिवक्ता अनूप सिंह बघेल ने पक्ष रखा। उन्हाेंने दलील दी कि टाइगर रिजर्व के कोर एरिया अंतर्गत पावर प्लांट लगाए जाने को 2011 में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी गई थी। नोटिस जारी किए जाने के बाद सर्वे रिपोर्ट तलब की गई। चूंकि जिन चार पावर प्लांट को कठघरे में रखा गया था, उनमें से एक जेपी पावर प्लांट की वजह से प्रदूषण फैल रहा है, वन्य जीव व प्रकृति को खतरा है, अत: फ्रेश सर्वे रिपोर्ट आवश्यक है। कोर्ट ने यह मांग मंजूर कर ली।

हाई कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज सुरिक्षत रखने के दिए निर्देश : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक मामले में शहडोल पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सुरिक्षत रखने के निर्देश दिए हैं। एसपी शहडोल व टीआइ कोतवाली को याचिकाकर्ता के आरोप के संबंध में शपथपत्र प्रस्तुत करने कहा गया है। न्यायमूर्ति संजय दि्वेदी की एकलपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता शहडोल निवासी अंजली राठौर की ओर से अधिवक्ता सीएम तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि शहडोल पुलिस ने याचिकाकर्ता के पति को एक झूठे मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फर्जी गांजा तस्करी मामला बनाया गया है। जब गिरफ्तारी प्रक्रिया हो रही थी, तब सीसीटीवी में पूरा नजारा कैद हो गया। लिहाजा, सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षा की जाए। साथ ही मामले की जांच सीबीआइ या एसटीएफ से करवाई जाए।हाई कोर्ट ने पावर प्लांट प्रदूषण मामले में फ्रेश सर्वे रिपोर्ट पेश करने दिए निर्देश

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने पावर प्लांट प्रदूषण मामले में फ्रेश सर्वे रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जनहित याचिकाकर्ता सीधी निवासी पर्यावरणविद सुभाश सिंह की ओर से अधिवक्ता अनूप सिंह बघेल ने पक्ष रखा। उन्हाेंने दलील दी कि टाइगर रिजर्व के कोर एरिया अंतर्गत पावर प्लांट लगाए जाने को 2011 में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी गई थी। नोटिस जारी किए जाने के बाद सर्वे रिपोर्ट तलब की गई। चूंकि जिन चार पावर प्लांट को कठघरे में रखा गया था, उनमें से एक जेपी पावर प्लांट की वजह से प्रदूषण फैल रहा है, वन्य जीव व प्रकृति को खतरा है, अत: फ्रेश सर्वे रिपोर्ट आवश्यक है। कोर्ट ने यह मांग मंजूर कर ली।

हाई कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज सुरिक्षत रखने के दिए निर्देश : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक मामले में शहडोल पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सुरिक्षत रखने के निर्देश दिए हैं। एसपी शहडोल व टीआइ कोतवाली को याचिकाकर्ता के आरोप के संबंध में शपथपत्र प्रस्तुत करने कहा गया है। न्यायमूर्ति संजय दि्वेदी की एकलपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता शहडोल निवासी अंजली राठौर की ओर से अधिवक्ता सीएम तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि शहडोल पुलिस ने याचिकाकर्ता के पति को एक झूठे मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फर्जी गांजा तस्करी मामला बनाया गया है। जब गिरफ्तारी प्रक्रिया हो रही थी, तब सीसीटीवी में पूरा नजारा कैद हो गया। लिहाजा, सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षा की जाए। साथ ही मामले की जांच सीबीआइ या एसटीएफ से करवाई जाए।

Posted By: Ravindra Suhane