MP High Court : हाई कोर्ट ने हनी ट्रैप मामले में नोटिस जारी कर मांगा जवाब, चार सप्ताह की मोहलत

Updated: | Wed, 27 Oct 2021 09:10 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में बहुचर्चित हनी ट्रैप से संबंधित मानव तस्करी के मामले में आरोपित बनाए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। न्यायमूर्ति अंजुली पालो की एकल पीठ ने इस सिलसिले में आठ व्यक्तियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उन्हें भी मामले में आरोपित बनाया जाए।

हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस : राजधानी भोपाल निवासी आरती दयाल की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि मोनिका यादव के पिता ने पलासिया थाने में अपनी बेटी की मानव तस्करी का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में आरती दयाल, श्वेता जैन सहित चार लोगों को आरोपित बनाया गया था। याचिका में कहा गया है कि जिला अदालत में मुख्य परीक्षण के दौरान मोनिका यादव ने अपने बयान में कई लोगों के नाम बताए थे। याचिका में मामले में अमित टेरासा, मनोज त्रिवेदी, अरुण सहलोत, अरुण निगम, हरीश खरे, राजेश गुप्ता, हरभजन सिंह, श्वेता स्वप्निल जैन व स्वप्निल जैन को आरोपित बनाए जाने की मांग की गई है। अधिवक्ता मानस मणि वर्मा की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।

वीडियो वायरल करने की दी थी धमकी : उल्लेखनीय है कि नगर निगम, इंदौर में कार्यरत इंजीनियर हरभजन सिंह ने 17 सितंबर, 2019 को पलासिया थाने में ब्लैकमेलिंग की एफआइआर दर्ज कराई थी। एफआइआर में कहा गया कि आरती दयाल नामक महिला अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे तीन करोड़ रुपये की मांग कर रही है। पुलिस ने इस मामले में श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन, आरती दयाल, बरखा भटनागर सोनी, मोनिका यादव व एक अन्य को गिरफ्तार किया था।

Posted By: Brajesh Shukla