MP High Court: अवैध कालोनी को लेकर फिर से दायर की जा सकेगी याचिका

Updated: | Tue, 28 Sep 2021 01:28 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अवैध कालोनी संबंधी जनहित याचिका इस स्वतंत्रता के साथ वापस लेने की अनुमति दे दी कि नए सिरे से याचिका दायर की जा सकती है। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष मामला सुनवाई के लिए लगा।

इस दौरान जनहित याचिकाकर्ता नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर के प्रांताध्यक्ष डा.पीजी नाजपांडे व नयागांव, जबलपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता रजत भार्गव की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय बहस के लिए खड़े हुए। जनहित याचिका के जरिये मूलभूत रूप से जुलाई-2021 में राज्य शासन द्वारा लाए गए अवैध कालोनी को वैध किए जाने विषयक अध्यादेश को कठघरे में रखा गया था। कोर्ट ने अपना मत व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में नए सिरे से संवैधानिक वैधता को चुनौती संबंधी याचिका दायर की जाना अधिक तर्कसंगत होगा। इस मत से सहमत होकर जनहित याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने जनहित याचिका वापस लेने की अनुमति चाही। कोर्ट ने नए सिरे से याचिका दायर करने स्वतंत्र करते हुए जनहित याचिका वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी। इसी के साथ मामले का पटाक्षेप हो गया। अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने अवगत कराया कि शीघ्र ही नए सिरे से अवैध कालोनी संबंधी अध्यादेश की संवैधानिकता को कठघरे में रखने वाली याचिका दायर कर दी जाएगी।

दैवेभो की बहाली के खिलाफ रादुविवि की अपील खारिज : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दैनिक वेतन भोगी को बहाल करने के मामले में दायर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की अपील खारिज कर दी है। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद निर्णय सुनाया। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में गढ़ा निवासी प्रमोद वर्मा की दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में 23 मार्च 1999 को नियुक्ति हुई थी। रादुविवि ने कर्मचारी को 19 जून 2001 को निकाल दिया। इसके खिलाफ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने नौ दिसंबर 2016 को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को बहाल करने का आदेश दिया। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने एकल पीठ के आदेश को अपील के जरिए चुनौती दी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रादुविवि की अपील खारिज कर दी है। दैवेभो का पक्ष अधिवक्ता मनोज शर्मा ने प्रस्तुत किया।

Posted By: Ravindra Suhane