जबलपुर में परीक्षा लेने वाले ही परीक्षा देते समय घबराए

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 02:17 PM (IST)

करंट कालम, पंकज तिवारी, जबलपुर। बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार करने वाले खुद परीक्षा में बैठे। ये वो है जो सरकार के चुनिंदा सीएम राइज स्कूलों में पढ़ाने की तमन्ना रखते हैं। जिन्हें काबिलियत को साबित करना पड़ रहा है। इनमें कई शिक्षक गुपचुप ढंग से परीक्षा देने आए। वहीं कुछ परीक्षा से भयभीत हो गए। असफलता के डर से उन्होंने पहले ही कदम पीछे खींच लिए। परीक्षा लेते वक्त पर्यवेक्षक की भूमिका में रहने वाले शिक्षक मीडिया में खूब फोटो खिंचवाते हैं लेकिन जब खुद की परीक्षा में बैठने की घड़ी आई तो हर कोई बचता दिखा। विभाग के अफसर भी शिक्षकों की इस लाचारी को समझ रहे थे लिहाजा परीक्षा के दौरान मीडिया के फोटो खींचने पर बंदिश लगाई। जो मीडियाकर्मी केंद्र के अंदर पहुंचे भी उन्हें फोटो खींचने से रोक दिया गया। चर्चा रही कि शिक्षक खुद को परीक्षार्थी की तरह दिखाने से बचने के लिए यह जतन कर रहे थे।

अध्यक्ष जी का क्षमादान: संगठन में गुटबाजी से खफा नगर अध्यक्ष की दरियादिली कई नेताओं को रास नहीं आ रही है। नेताजी संगठन में अनुशासन का पाठ पढ़ाते—पढ़ाते जब थक गए तो उनका दर्द इंटरनेट मीडिया में छलक गया। चुनावी घड़ी जब करीब हो तो नगर मुखिया की पीड़ा संगठन के कानों तक पहुंच गई। संगठन ने बिना देरी किए ही अनुशासनहीनों को सबक सिखाने का फरमान जारी कर दिया। इसकी खबर जब गुटबाजी करने वालों तक पहुंची तो फौरन अध्यक्ष को मनाने का दौर शुरू हो गया। नाराज तबके के कई नेताओं ने अपनी व्यथा सुनाकर सहानुभूति बटोरी। कुछ तो अपने किए पर शार्मिदा भी हुए। कई की माफी ने अध्यक्ष का दिल पसीज दिया। संगठन के इशारे पर कार्रवाही के मूड में आ चुके अध्यक्ष ने सभी को अनुशासन में रहने की नसीहत देकर क्षमादान दे दिया। इसमें पूर्व महापौर और अध्यक्ष के मुंहबोले बड़े भाई अब भी झुकने तैयार नहीं है।

साहब के करंट से सहमे कर्मी: बिजली महकमे में अफसर के मातहत डरे हैं। वजह करंट है। विजय नगर संभाग में एक इंजीनियर साहब पर लाइन स्टाफ ने जो आरोप लगाए वो किसी के गले नहीं उतर रहा। कर्मियों को यकीन है कि जब बिजली कर्मी लाइन पर काम करते हैं तो साहब बंद लाइन को चालू करवा देते हैं। जिस वजह से लाइन कर्मियों को करंट लग रहा है। कर्मियों ने शिकायत ओहदेदारों तक भेजी। जिसे देखकर पहली नजर में ही हर कोई समझ गया कि हकीकत कुछ और है। खबर है कि साहब को हटाने के लिए लाइन स्टाफ ने ये कहानी रची। साहब के तौर तरीके लाइन कर्मियों को रास नहीं आ रहे है,जिस वजह से कर्मियों ने ये तरीका निकाला। इधर लाइन कर्मियों का दांव उल्टा पड़ गया क्योंकि इस बेतुके आरोप को अफसर भी पचा नहीं पा रहे हैं। अब वो ऐसे लाइन कर्मियों की खामियों को खोजने में जुट गए है।

ठेकेदारों की जुबान खुलने का डर: बिजली महकमें में सौभाग्य योजना बेहद चर्चा में है। पहले इसमें भ्रष्टाचार उजागर हुआ। जिसमें कई इंजीनियरों को नौकरी से तक हाथ धोना पड़ा। अभी कई और है। इतने सब के बीच अब सौभाग्य योजना में काम करने वाले ठेकेदार भी सड़क पर आ गए हैं। ढाई से साल से करोड़ों रुपये का भुगतान अटकने की वजह से ठेकेदारों का सब्र जवाब दे गया है। वो अनशन करने पर उतारू हो चुके हैं। हफ्तेभर उन्हें अनशन करते गुजर गए हैं लेकिन अफसर है कि उनके कान में जूं तक नहीं रेंग रही है ऐसे में ठेकेदार भी काम में कमीशन लेने वाले अफसरों की कुंडली खोलने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे करने से पहले इसका हल्ला महकमे में किया जा रहा है ताकि खुलासे से पहले उनके अनशन को अंजाम मिल सके। इधर लेनदेन करने वाले अफसर सौभाग्य की जांच के बाद ठेकेदारों के रवैये से घबराए हुए है।

Posted By: Ravindra Suhane