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जबलपुर में पीडीसी जमा करने की छूट मिलते ही एक घंटे में भर गईं पीएचडी की सीटें

Updated: | Thu, 29 Oct 2020 10:37 PM (IST)

जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे उस वक्त खिल गए, जब उन्हें बिना पीडीसी (प्रोविजनल डिग्री सर्टिफिकेट) के ही पीएचडी की सीटों में प्रवेश मिल गया। विवि के संचालक शिक्षण विभाग ने आदेश दिया था कि पीएचडी की काउंसिलिंग में वे विद्यार्थी भी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें 28 नवंबर तक पीडीसी मिल गई हो।

इस आदेश के बाद अधिकांश विद्यार्थी पीएचडी की काउंसिलिंग के लिए अपात्र हो गए थे, लेकिन कुलपति प्रो.एसपी तिवारी ने इन विद्यार्थियों को राहत देते हुए काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका दिया। छूट मिलने के बाद विवि के सभी योग्य विद्यार्थियों को पीएचडी की सीट में प्रवेश मिल गया। काउंसिलिंग शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही सभी सीट भर गईं।

31 दिसंबर तक पीडीसी जमा करने का मौका-

वेटरनरी कॉलेज जबलपुर के ऑडीटोरियम में सुबह 11 बजे से पीएचडी की सीटों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग हुई। इस दौरान विवि की काउंसिलिंग कमेटी मेंडीन फैकल्टी डॉ.आरपीएस बघेल ने बताया कि पीडीसी जमा करने के लिए विद्यार्थियों को 31 दिसंबर तक की मोहलत दी गई है। इधर विद्यार्थियों का कहना था कि संचालक शिक्षण विभाग के आदेश से पीएचडी में प्रवेश लेने का सपना तोड़ दिया था, लेकिन राहत मिलने के बाद उन्हें प्रवेश मिल गया है।

8 सीट के 21 दावेदार-

वेटरनरी विवि ने पहली बार फिशरी कॉलेज की पीजी सीटों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग की। इस बार इन सीटों के लिए विद्यार्थियों में भारी डिमांड थी। महज 8 सीटों के लिए 21 उम्मीदवार काउंसिलिंग में आए, जिसमें से मैरिट में आने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश मिल गया। इधर विवि के 17 विभागों की पीएचडी सीटें भी पूरी भर गईं। काउंसिलिंग कमेटी में डीन डॉ.राजेश शर्मा, संचालक शिक्षण डॉ.एसके जोशी, डॉ.शोभा जावरे, डॉ. मोहन सिंह, डॉ.सोना दुबे एवं डॉ.गिरधारी दास आदि मौजूद रहे।

Posted By: Brajesh Shukla
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