मप्र हाई कोर्ट में पीएनबी ने माना- हुआ था 1000 करोड़ रुपये का घोटाला

Updated: | Sat, 04 Dec 2021 12:13 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट में पंजाब नेशनल बैंक, पीएनबी ने माना कि सांवरिया ग्रुप व बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से करीब 1000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। यदि कोर्ट निर्देश दे तो घोटाले की एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। प्रशासिकि न्यायाधीश शील नागू व जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की युगलपीठ के समक्ष बैंक की ओर से हस्तक्षेप याचिका प्रस्तुत की गई। कोर्ट ने जानकारी को रिकार्ड पर लेकर मामले की आगे सुनवाई एक सप्ताह बाद करने की व्यवस्था दे दी।

पीएनबी के पूर्व चेयरमैन की मिलीभगत : उत्तर प्रदेश के जौनपुर की निवासी व कानपुर में जीएसटी कंसल्टेंट सोनाली वर्मा की ओर से यह याचिका दायर की गई। अधिवक्ता ब्रह्मानन्द पांडे व जेके जायसवाल ने कोर्ट को बताया कि भोपाल निवासी अनिल अग्रवाल, गुलाबचंद अग्रवाल, अशोक अग्रवाल व सतीश अग्रवाल ने सांवरिया ग्रुप्स के नाम से सेल कम्पनी बनाई। पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन चेयरमैन एसएस मल्लिकार्जुन की मिलीभगत के जरिए 2016-19 के बीच सांवरिया ग्रुप्स की कम्पनियों ने फर्जी तरीके से करीब 1000 रुपये लोन ले लिया। बाद में कम्पनी ने नुकसान दर्शाते हुए लोन के खात्मे के लिए रिपोर्ट पेश की।

चेयरमैन मल्लिकार्जुन ने बिना इस बात की जांच किए कि कम्पनी ने कहां निवेश किया और कहां घाटा लगा, यह रिपोर्ट अंतिम रूप से मंजूर कर ली। अधिवक्ताओं ने दलील दी कि इस मामले की शिकायत याचिकाकर्ता ने सीबीआई भोपाल को की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नही की गई। उल्टे उक्त कम्पनी के संचालकों ने उस पर हमला भी करवा दिया। कोर्ट से आग्रह किया गया कि मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। साथ ही याचिकाकर्ता पर हमले के लिए दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

सीबीआइ ने मांगी है अनुमति : शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पीएनबी व अनावेदकों अशोक अग्रवाल तथा अन्य की ओर से हस्तक्षेप याचिकाएं पेश की गईं। हाई कोर्ट ने इन्हें संज्ञान में ले लिया। वहीं सीबीआई की ओर से बताया गया कि एफआइआर दर्ज करने की अनुमति मांगी गई है।

Posted By: Ravindra Suhane