Power Line in Jabalpur: मकानों के भीतर से गुजर गई 33 केवी बिजली लाइन

Updated: | Mon, 25 Oct 2021 10:26 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के अंदर सस्ती जमीन की चाहत में लोग मौत का जोखिम भी उठाने से परहेज नहीं कर रहे हैं। बिजली की 11 केवी और 33 केवी की हाईवोल्टेज लाइन जिनसे पांच फीट की दूरी भी खतरनाक है ऐसी लाइन के नीचे लोगों ने आशियाने बना रखे हैं।

कई मकान तो ऐसे है जिनके भीतर बिजली के खंभे खड़े हो गए हैं। खतरे को भांपने के बावजूद रहवासी इन मकानों में रहते हैं। माढ़ोताल चुंगी चौकी में गत दिवस हुआ हादसा इसकी नजीर है। इससे पहले गुलौआ, नर्मदा रोड स्थित कालोनी में ऐसे कई हादसे हुए जिनमें घर के करीब से निकली हाइटेंशन लाइन ने लोगों को अपनी चपेट में लिया है।

घटना के बाद बिजली विभाग और मप्र सरकार का सुरक्षा विभाग सिर्फ कागजी खानापूर्ति करने में जुट जाते हैं। अभी भी शहर में तकरीबन 6 हजार घर ऐसे है जिनके मकान के करीब से हाईटेंशन लाइन निकली हुई है।

बारिश में चिंगारी फेंकते हैं तार: हाईटेंशन लाइन घरों के भीतर तक से निकली हैं ऐसे में कई बार तार आपस में शार्ट होकर चिंगारी फेंकते हैं जिससें घरों में भी आग लगने का खतरा बन जाता है। बारिश के दिनों में हवा और पानी से हादसे की आशंका ज्यादा बन जाती है। गढ़ा गुलौआ फाटक के करीब रहने वाले रहवासियों के घरों के भीतर से लाइन निकली है। बिजली अफसरों का दावा हैं कि लाइन पहले से लगी थी लोगों ने अवैध निर्माण कर दिया। इधर नगर निगम की ओर से भी अवैध निर्माण को लेकर कोई अपत्ति नहीं की गई।

कटंगी रोड पर खतरा और: विजय नगर संभाग के कटंगी रोड में कई ऐसी कालोनी का निर्माण हो गया है जिनके ऊपर से हाईटेंशन लाइन अथवा ट्रांसमिशन लाइन निकली है। कुछ निर्माण इस कदर खतरनाक है कि भविष्य में कभी भी इससे हादसा हो सकता है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा: त्रिमूर्ति नगर, गोहलपुर, रामपुर, गढ़ा, आधारताल, रांझी, मंडी मदार टेकरी, आंबेडकर कॉलोनी, ओमती, हनुमानताल, लालमाटी, गुलौआ, शिवनगर, नर्मदा नगर समेत कई इलाकों में अवैध निर्माण लाइन के करीब हो चुके हैं।

ये होनी चाहिए दूरी:

- निर्माण से 11 हजार वोल्ट की लाइन से न्यूनतम दूरी 1.2 मीटर होनी चाहिए।

- 33 हजार वोल्ट की लाइन से न्यूनतम निर्माण 3.7 मीटर होना चाहिए।

- 33 हजार वोल्ट और इससे ज्यादा क्षमता की लाइन से 3.7 मीटर के साथ 0.30 मीटर प्रति 33 हजार वोल्ट क्षमता की बढ़ोतरी पर होना अनिवार्य है।

सड़क के बीच ट्रांसफार्मर भी खुले: खुले तार सिर्फ घरों के करीब नहीं हैं ट्रांसफार्मर भी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। व्यवस्त बाजार क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के खुले दरवाजे बिजली विभाग के मेनटेनेंस की पोल खोलते हैं। चालू लाइन जिस तरह से सड़क में खुली है कभी भी कोई हादसे का शिकार बन सकता हैं।

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बिजली लाइन बहुत पहले से खड़ी हुई है। लोग बिजली लाइन के नीचे की जमीन पर अवैध ढंग से मकान बना ले रहे हैं। नगर निगम भी बिना विभाग की सहमति के नक्शा पास नहीं कर सकता है। ऐसे में अवैध निर्माण की श्रेणी में मकान आते हैं। उन्हें नोटिस बिजली विभाग की तरफ से दिया जा रहा है।

- सुनील त्रिवेदी, अधीक्षण यंत्री नगर

Posted By: Ravindra Suhane