Prime Minister Garib Kalyan Anna Yojana: हितग्राहियों पर धोखे की मार, विक्रेता पर एफआइआर

Updated: | Tue, 28 Sep 2021 12:16 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पीओएस मशीन में हितग्राहियों से अंगूठा लगवा लिया और राशन दिए बगैर उन्हें रवाना कर दिया। हितग्राहियों के साथ यह धोखाधड़ी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में की गई। जिला प्रशासन तक पहुंची शिकायत की जांच कर जिला आपूर्ति विभाग ने शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता के खिलाफ बरगी थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बरगी द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता सुरेश सोनी के खिलाफ धारा 420, 419 व 3, 7 ईसी एक्ट, 10(4), 11(1), 11(2),11(3),11(18)13(2),18 सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज की गई है।

यह है मामला: बरगी थाना प्रभारी रितेश पांडेय ने बताया कि 26 सितंबर को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ग्रामीण भावना तिवारी ने धोखाधड़ी की लिखित शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता सुरेश सोनी द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत खाली थैले बांटे गए थे। पीओएस मशीन पर हितग्राहियों से अंगूठा लगवाया गया था। जिसकी शिकायत प्रशासन से की गई थी। शिकायतकर्ता ने सुरेश सोनी के कारनामे का वीडियो पेश किया था। प्रशासन द्वारा गठित जांच दल ने राशन दुकान का जायजा लिया परंतु विक्रेता व समिति प्रबंधक वहां उपस्थित नहीं हुए। दुकान को सील कर कार्डधारियों के बयान लिए गए तो पता चला कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत हितग्राहियों को खाली थैले बांट दिए गए। योजना में निर्धारित राशन न बांटकर हितग्राहियों के साथ अभद्रता की गई। इतना ही नहीं राशन वितरण में शासन द्वारा निर्धारित दर से ज्यादा पैसे हितग्राहियों से वसूल किए जा रहे हैं।

भौतिक सत्यापन में मिली गड़बड़ी: पुलिस ने बताया कि 26 सितंबर को आदिम जाति सेवा सहकारी समिति प्रबंधक बालमुकुंद व्यास एवं अन्य लोगों के समक्ष दुकान की सील खोली गई।स्टाक का भौतिक सत्यापन कराया गया। पीओएस मशीन की पर्ची से दुकान में मौजूद स्टाक का मिलान करने पर राशन वितरण की गड़बड़ी सामने आई। इस दौरान 3 हजार 59 किलोग्राम गेहूं, 5 हजार 102 किलोग्राम चावल, 2 हजार 58 किलोग्राम नमक, 87 किलोग्राम शक्कर अधिक पाई गई। वहीं 810.5 लीटर केरोसिन कम मिला। कम एवं अधिक स्टाक के बारे में सुरेश सोनी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया। जिससे स्पष्ट हुआ कि हितग्राहियों को राशन वितरण न कर दुकान संचालक अनाज व अन्य सामग्री की कालाबाजारी कर रहा था।

Posted By: Ravindra Suhane