Pushya Nakshatra 2021 : 28 अक्‍टूबर को सुबह से शुरू हो रहा गुरु पुष्‍य नक्षत्र, खरीदारी के लिए मिलेंगे 25 घंटे

Updated: | Wed, 27 Oct 2021 09:49 PM (IST)

ब्रजेश शुक्‍ला, जबलपुर नईदुनिया। खरीदारी के लिए दीपावली के पहले पड़ने वाले पुष्‍य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा माना जाता है। इस महामुहूर्त में खरीदारी के लिए जहां बाजार सज गए हैं वहीं लोगों को बेसब्री से इस मुहूर्त का इंतजार है। इस बार यह मुहूर्त सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, राज योग के साथ अतिउत्तम संयोग बना रहा है। गुरुवार सुबह से शुरू होने वाला यह मुहूर्त शुक्रवार की सुबह तक कुल 25 घंटे 24 मिनट तक रहेगा। अब इसके बाद ऐसा महामुहूर्त 12 साल बनेगा।

उत्‍तम मानी गई है खरीदारी : पुष्य नक्षत्र में की गई खरीदारी उत्तम फलवर्धक व दीर्घकाल तक उपयोगी मानी गई है। इस बार पुष्य नक्षत्र को खरीदारी का महायोग, महामुहूर्त दीपावली से पहले 28 अक्टूबर को बन रहा है। गुरु पुष्य योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग भी कीमती धातुएं सोना-चांदी और भूमि-भवन की खरीदारी विशेष लाभदायक मानी गई है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु और शनि में मित्रता का भाव है जिस कारण से गुरु-पुष्य नक्षत्र में खरीदारी करना बहुत ही अच्छा रहेगा।

बहुत कम मिलता है ऐसा संयोग : पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना जाता है। गुरु व रवि पुष्य नक्षत्र का महत्व काफी बढ़ जाता है। क्‍योंकि यह संयोग यदाकदा ही आता है। दीपावली से पहले 28 को पुष्य नक्षत्र रहेगा। जो गुरु पुष्य का योग बन रहा है। 28 को सुबह 6.26 बजे से पुष्य नक्षत्र प्रारम्भ होकर 29 को प्रातः 7:50 बजे तक रहेगा। ज्योतिष का कहना है कि इस दिन स्वर्ण आभूषण के साथ ही अन्य की खरीदारी लाभकारी होती है। साथ ही धन-धान्य में वृद्धि भी होती है।

ऐसा रहेगा योग :

चर प्रातः 10.30 से दोपहर 12 बजे तक।

लाभ दोपहर 12.01 से 1.30 बजे तक।

अमृत दोपहर 1.31 से 3 बजे तक।

शुभ दोपहर 4.30 से शाम 6 बजे तक।

अमृत शाम 6.01 से 7.30 बजे तक।

शिव परिवार का करें पूजन :

पुष्य नक्षत्र में श्रीसूक्त के 108 पाठ करने से जीवन के आर्थिक संकटों का नाश होता है और सुख-सौभाग्य प्राप्त होता है। वैवाहिक जीवन में सामंजस्य और खुशहाली के लिए पुष्य नक्षत्र में शिव परिवार का विधि-विधान से पूजन करें। विवाह में बाधा आ रही है तो पुष्य नक्षत्र में बृहस्पति देव के निमित्त कन्याओं को बेसन के लड्डू का वितरण करें।

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राशि के अनुसार ये कर सकते हैं :

मेष- इस पुष्य पर सोने की खरीदारी करने जा रहे हैं तो उससे पहले तांबे की वस्तु से खरीदारी शुरू करें। भूमि, भवन में निवेश भी लाभ दायक होगा।

वृष- स्वर्ण में या किसी बड़े निवेश से पूर्व (रजत) चांदी की कोई वस्तु (पात्र, मूर्ति) व थोड़े से चावल की खरीदारी करना शुभ होगा।

मिथुन- स्वर्ण या किसी विशेष निवेश से पूर्व कांसे की गणेश जी की मूर्ति, पन्ना व हंस का जोड़ा खरीदना चाहिए।

कर्क- धन प्राप्ति के लिए स्फटिक या चांदी का श्री यंत्र खरीदें फिर कोई और खरीदारी करें तो आपके लिए अत्यंत शुभ और विशेष फल देने वाला रहेगा।

सिंह- तांबे का कोई पात्र खरीदकर स्वर्ण में निवेश अवश्य करें, इससे मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होगी।

कन्या- कांसे व हाथी दांत से बनी वस्तु खरीद कर आप अपने गाढ़े धन का निवेश करेंगे तो लाभ प्राप्त होगा।

तुला- चांदी का श्री यंत्र, आभूषण या सिक्का अवश्य खरीदें फिर अन्य कोई निवेश करें, लाभ होगा।

वृश्चिक- तांबा, पंच धातु का पात्र या इनसे बना श्री यंत्र और स्वास्तिक खरीदें उसके साथ थोडा सा गेहूं, गुड़ घर लाएं फिर कोई अन्य खरीदारी या निवेश करें।

धनु- थोड़ी सी केसर, हल्दी अवश्य खरीदें, सोना खरीदना ही है तो भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की सोने की मूर्ति खरीदें या अपनी पसंद के आभूषण भी ले सकते हैं।

मकर- मकर राशि वाले जातक सर्वप्रथम घर की सजावट हेतु कोई भी सामान अवश्य खरीदें, फिर अपनी रुचि अनुसार निवेश करें तो लाभ मिलेगा।

कुंभ- आप चांदी की कोई वस्तु के साथ यदि नीलम खरीदें फिर विद्युत उपकरण, भवन, भूमि, वाहन, स्वर्ण आदि में निवेश करें तो लाभ मिलेगा।

मीन- घर के सौंदर्य में वृद्धि करने वाली वस्तुओं की खरीदारी से प्रारंभ कर यदि निवेश किया तो लाभ अवश्य मिलेगा।

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यह मुहूर्त में वर्ष में एक बार आता है। राशि के अनुसार खरीदारी करने से जीवन में लाभ प्राप्‍त होता है।

- पंडित सौरभ दुबे, ज्‍योतिषाचार्य

गुरु पुष्‍य नक्षत्रों का राजा है। जिसमें हर तरह की खरीदारी करना चाहिए। अब यह मुहूर्त 12 साल बाद आएगा।

- पंडित प्रवीण मोहन शर्मा, ज्‍योतिषाचार्य

इस मुहूर्त का लोग साल भर इंतजार करते हैं इसलिए अपनी प्राथमिकता को तय करते हुए खरीदारी करें।

- पंडित मुकेश पाठक, ज्‍योतिषाचार्य

डिसक्लेमर

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Posted By: Brajesh Shukla