रेलवे नेताओं को जबलपुर हाई कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 04:22 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिन‍िधि। रेलवे के एक कर्मचारी संगठन के विवाद में नया मोड़ आ गया है। पूर्व में इस मामले में अग्रिम जमानत से इन्कार कर दिया गया था। सेशन कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। जहां से सशर्त अग्रिम जमानत दे दी गई है। हाईकोर्ट ने वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ, डब्ल्यूसीआरएमएस में 76 लाख 50 हजार रुपये के घोटाले के मामले में आरोपित बनाए गए पांच रेलवे नेताओं को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी।

जांच में सहयोग करना होगा : न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने निर्देश दिया है कि सभी आवेदकों को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। संघ के महासचिव अशोक शर्मा, अनुक तिवारी, ओपी चौकसे, निशा मलैया व सिया पचौरी के खिलाफ ओमती पुलिस थाने में धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था। आवेदकों की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर व सुधीर नायक ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सभी संघ के चुने गए सदस्य हैं। संघ में हजारों सदस्य हैं, इसलिए फंड भी बड़ा है। उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि शिकायतकर्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं और सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। इसके बावजूद वे संघ के क्रियाकलापों में हस्तक्षेप करते हैं। शिकायतकर्ता वर्तमान कार्यकारिणी से नाखुश हैं और इसलिए उन्होंने दुर्भावनापूर्ण तरीके से उक्त सदस्यों पर फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। सभी शासकीय कर्मचारी हैं और उनके फरार होने की संभावना भी नहीं है। वहीं शासन की ओर से बताया गया कि आवेदकों ने कागजों में भी फर्जीवाड़ा किया है और जाली हस्ताक्षर भी किए हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद सभी आवेदकों की अग्रिम जमानत सशर्त मंजूर कर ली।

Posted By: Brajesh Shukla