Rani Durgavati University: शिक्षा संकाय में शाेध के लिए तरस रहे शोधार्थी

Updated: | Sun, 24 Oct 2021 02:00 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। करीब दो साल बाद डॉक्टोरल इस्ट्रेंस टेस्ट 30 अक्टूबर को है लेकिन इसमें शिक्षा संकाय को शामिल नहीं किया गया है। इस संकाय के लिए सीट रिक्त भी है फिर भी इनके विद्यार्थियों के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं की गई है जिस वजह से सैकड़ों शोधार्थी परेशान है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा लंबे समय बाद पीएचडी को लेकर इंट्रेस परीक्षा आयोजित की जा रही है। लेकिन जिस शिक्षा संकाय में पीएचडी की सर्वाधिक मांग बनी है विश्वविद्यालय द्वारा उसे ही छोड़ दिया गया है। शिक्षा संकाय के अलावा अंग्रेजी, सोशालॉजी विषयों को भी जोड़ा नहीं गया है। शिक्षा संकाय में पिछले चार सालों से बड़ी संख्या में अभ्यार्थी पीएचडी करने का इंतजार कर रहे हैं।

बताया जाता है पूर्व में पीएचडी के लिए आयोजित की जा रही डीइटी परीक्षा अगस्त में की जानी थी। अभ्यार्थियों की नाराजगी को देखते हुए शिक्षा संकाय के साथ कुछ अन्य विषयों को भी इसमें जोडऩे का निर्णय लिया गया। डीइटी की इंट्रेस परीक्षा को एक माह आगे बढ़ाते हुए 30 अक्टूबर कर दिया गया। लेकिन विवि प्रशासन शिक्षा संकाय सहित सोशलॉजी, अंग्रेजी विषयों को शामिल करना भूल गया। शिक्षा संकाय के लिए शोध केंद्र न होने का हवाला देते हुए विवि पिछले चार सालों से टाल रहे है। अब जब विश्वविद्यालय स्तर पर शोध केंद्र बनकर तैयार कर दिया गया है तो लेकिन शिक्षा संकाय को शामिल करने निर्णय नहीं ले सका।

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-किन्ही कारणों के चलते डीइटी एग्जाम में शिक्षा संकाय के साथ कुछ विषय शामिल नहीं हो पाया है। इस पर विचार किया जा रहा है। हम कोशिश कर रहे हैं कि अगले माह शिक्षा संकाय सहित अन्य विषयों को शामिल कर आदेश जारी किया जाए।

-डॉ.ब्रजेश सिंह, कुलसचिव रानी दुर्गावती विवि

Posted By: Ravindra Suhane