Reopen Primary School: प्राइमरी स्कूल खोलने दिनभर चली साफ-सफाई, शाम को तय हुआ नहीं खुलेंगे

Updated: | Mon, 20 Sep 2021 10:27 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सोमवार से प्राइमरी स्कूल खोलने के आदेश पर रविवार की देर रात तक भ्रम बना रहा। अभिभावक तो दूर स्कूल प्राचार्यो तक को पता नहीं कि स्कूल खुलने हैं कि नहींं। इधर अधिकांश प्राइमरी स्कूलों को खोलने के लिए अवकाश के दिन भी साफ-सफाई होती रही। प्राचार्य भोपाल लोक शिक्षण आयुक्त के आदेश को ही अंतिम मानकर कार्रवाई करते रहें। जब जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूल खुलने पर पूछा गया तो उन्होंने साफ किया कि प्राइमरी स्कूल जिले में नहीं खुलने हैं। इस असमंजस के बीच बच्चे और अभिभावकों का परेशान हुए उन्हें स्कूल से कोई खबर नहीं पहुंची।

लोक शिक्षण संचालनालय स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव प्रमोद सिंह ने 20 सितंबर से प्रदेश में कक्षा एक से पाचवीं के स्कूल खोलने के आदेश जारी किए। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूल खोले जाने थे लेकिन आदेश के चौथे बिंदु में ही जिला आपदा प्रबंधन समिति के निर्णय उपरांत स्कूल,आवासीय विद्यालय और छात्रावास खोलने के निर्देश दिए गए है। इधर स्कूल प्राचार्य और ब्लाक एजुकेशन अधिकारियों ने सिर्फ आदेश में स्कूल खोलने के आदेश देखकर उस पर अमल शुरू कर दिया। अन्य निर्देशों को नजर अंदाज कर दिया गया।

साफ-सफाई करवाई, झाडि़यों से ढक गए दरवाजे: कोरोना संक्रमण में करीब दो साल के अंतराल में स्कूल दोबारा खुलने जा रहे हैं। ऐसे में हर कहीं साफ-सफाई करवाई गई। रविवार के दिन भी मजदूरों की मदद से परिसर और स्कूल के भीतर लगी झाडि़यों को हटाने का काम हुआ। कमरों को साफ करवाया गया। सिहाेरा के बीईओ अशोक उपाध्याय ने बताया कि उनके ब्लॉक में करीब 147 प्राइमरी स्कूल है जिन्हें साफ कर लिया गया है। कोविड गाइड लाइन के अनुसार ही स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर जो निर्णय हुआ है उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

समझे क्यों बंद रहेंगे जिले में स्कूल: स्कूल शिक्षा विभाग ने हर जिले के शिक्षा अधिकारियों को कोरोना संक्रमण के हालात देखते हुए निर्णय लेने स्वत्रंत किया है। आदेश में जिला आपदा प्रबंधन समिति की सिफारिश के आधार पर ही स्कूल खुलने हैंं। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में स्कूल खोलने का प्रस्ताव अभी नहीं रखा गया है। समिति की बैठक भी नहीं हुई है। ऐसे में स्कूल खोलने का निर्णय नहीं हो पाया है। साफ है कि प्राइमरी स्कूल तय 20 सितंबर से नहीं खुलेंगे।

निजी स्कूल भी असमंजस में: सरकारी के अलावा निजी स्कूल में भी इस संबंध में भ्रम बना है। जिले में 2200 के आसपास प्राइमरी स्कूल है। कई स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को 20 सितंबर से स्कूल खोलने का संदेश तक भेज दिया है।

इसलिए भ्रम...

14 सितंबर को भोपाल से आदेश जारी हुआ। जिसके आधार पर जन शिक्षा केंद्रों में स्कूल खोलने की बैठक हुई। भोपाल के आदेश को ही विभागीय इंटरनेट मीडिया के ग्रुप में प्रसारित किया गया। इसी के आधार पर स्कूलों में तैयारी शुरू हो गई। स्कूल नहीं खोलने को लेकर कोई विभागीय आदेश अलग से जारी नहीं होने के कारण भ्रम बना रहा। देर रात जब हल्ला मचा तो विभागीय स्तर पर संदेश इंटरनेट के जरिए दिया गया।

सवाल जवाब-

प्र्र- प्राइमरी स्कूल खुलेंगे क्या ?

जवाब- नहीं। भोपाल से जारी आदेश में साफ है कि जिला आपदा प्रबंधन समिति के द्वारा इस पर निर्णय लिया जाए। अभी निर्णय नहीं हुआ इसलिए स्कूल नहीं खोले जाएंगे।

प्र- अधिकांश प्राइमरी स्कूलों को खोलने की तैयारी जारी है वो भोपाल के आदेश को अंतिम मान रहे है।

जवाब- ऐसा नहीं है। आदेश में साफ लिखा है। जो ऐसा कर रहे हैं उन्होंने उसका अध्ययन नहीं किया होगा।

प्र- जब स्कूल नहीं खुलने थे तो इसके आदेश क्यों नहीं स्पष्ठ हुए ?

जवाब- हम आखिरी वक्त तक आपदा प्रबंधन समिति के निर्णय का इंतजार कर रहे थे। उसी हिसाब से स्कूल खोलने की तैयारी की गई। आदेश नहीं मिला इसलिए स्कूल नहीं खुलने का निर्णय लिया। इस संबंध में सभी अभी बता दिया गया है।

Posted By: Ravindra Suhane