Sawan Somwar 2021: प्रथम सावन सोमवार से भोलेनाथ के विषेष पूजन का क्रम होगा शुरू

Updated: | Sat, 24 Jul 2021 12:58 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। भूत भावन महाशिव भोलनाथ का सावन के हर सोमवार से अनूठा श्रृंगार किया जाता है। शहर के गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक श्रावण सोमवार को एक नई थीम के हिसाब से शिवजी को सजाया जाता है। भक्त बड़े मनोभाव के साथ प्रभु की शोभा को निहारते रह जाते हैं। इसी तरह गोपालपुर के बड़े शिवलिंग को भी नयनाभिराम तरीके से अभिसिक्त किया जाता है।

उनकी मनोहारी छवि निहारने वाले सम्मोहित से हो जाते हैं। कछपुरा के बजरंग मठ के शिवजी को नए वस्त्रों के साथ शोभायमान किया जाता है। शिवलिंग के ऊपर मटकी जल सजाया जाता है। बूंद-बूंद जलाभिषेक से भक्त आनंदित होते हैं। शिव का आशीर्वाद लेने उनका ह्दय आकुल-व्याकुल रहता है। वातावरण में सावन की छटा के बीच भक्तों का मन अपने शिव में ही लगा रहता है।

साकेत धाम, ग्वारीघाट जबलपुर में शिव मंदिर की शान देखते ही बनती है। यहां शिवलिंग को ऐसा सजाया जाता है, कि भक्त एक बार देखते हैं, तो घंटों बस देखते ही रह जाते हैं। नर्मदा किनारे सभी शिव मंदिरों में सावन के साथ ही प्रति सोमवार शिव अभिषेक की परंपरा बहुत पुरानी है। तिल भांडेश्वर के शिवजी लम्हेटाघाट का गौरव हैं। ये प्रत्येक संक्रांति एक तिल आकार में बृहद होते हैं। इनका स्कंद पुराणा के रेवाखंड में उल्लेख है। वहीं कपितीर्थ लम्हेटीघाट के शिवजी तो युगल शिवलिंग के रूप में विख्यात हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम व अनुज लक्ष्मण ने इनका प्राण प्रतिष्ठा की थी।

बजरंग बली ने यहीं साधना करके ब्रह्म हत्या व प्रकृति दोष का निवारण किया था। शहर में शिव मंदिरों की कमी नहीं। प्रत्येक शिव मंदिर श्रावण में सामान्य दिनों से अधिक विशेष हो जाता है।

Posted By: Ravindra Suhane