जबलपुर के स्कूली बच्चों को मिला दोपहर का भोजन

Updated: | Fri, 03 Dec 2021 08:30 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शासकीय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के साथ उनका पोषण भी सुनिश्चित किया जाए। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत अनेक स्कूलों में बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार पका भोजन (मध्याह्न भोजन) बांटा गया।

अभिभावकों का कहना है कि स्व-सहायता समूहों को अब स्कूलों में भोजन वितरण की जवाबदारी फिर मिल गई है। इससे स्कूलों में गरीब छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी। स्कूली बच्चों की शिक्षा और पोषण का विकास होगा। इस योजना के जरिये शिक्षा में सोशल और जेंडर गैप समाप्त करने में मदद मिलेगी। जबकि कोरोना काल से स्कूल बंद होने के साथ साथ पका हुआ मध्याह्न भोजन वितरण बंद कर दिया था। इसके स्थान पर बच्चों को सूखा अनाज वितरण किया जा रहा था। गांधीग्राम की शासकीय कन्या प्राथमिक शाला, एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला, शासकीय प्राथमिक शाला माला एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला धमकी, शासकीय प्राथमिक शाला रामपुर, एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला धमकी, माल्हा, फ़नवानी, मझगवां, खितौला नगर, मुरता शासकीय शाल में बच्चों को मध्याह्न भोजन वितरित किया गया।

बच्‍चों का लगेगा पढ़ाई में मन : शिक्षक योगेन्द्र मिश्रा, उषा दुबे, ऋचा गौर, राजेंद्र तिवारी, उत्तम तिवारी, जयप्रकाश मेहरा का कहना है कि अधिकतर बच्चे खाली पेट स्कूल पहुंचते हैं। जो बच्चे स्कूल आने से पहले घर से भोजन करके आते हैं उन्हें भी दोपहर तक भूख लग आती है और वे अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। स्कूल में मध्याह्न भोजन वितरण बच्चों के लिए 'पूरक पोषण' के स्रोत और उनके स्वस्थ विकास के रूप में भी कार्य करेगा।

Posted By: Brajesh Shukla