जबलपुर में मेडिकल शोध से जुड़े नवाचार जानने पहुंचे विज्ञानी

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 02:18 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के बायो डिजाइन इनोवेशन सेंटर में आईसीएमआर के विज्ञानी पहुंचे। यहां उन्होंने मेडिकल से जुड़े शोध कार्यो के बारे में जानकारी ली और उन्हें प्रोत्साहन दिया। आईसीएमआर के निदेशक डा. अपरूप दास एवं डा.तापस चकमा द्वारा डिजाइन इनावेशन सेंटर की मॉलिक्यूलर लैब, इंस्ट्रूमेंट तथा बनाए गए विभिन्न प्रकार के प्रोटोटाइप को देखा।

इस मीटिंग में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र तथा बायोडिजाइन इन्नोवेशन सेंटर के निदेशक प्रो एसएस संधू भी उपस्थित थे| प्रो.एसएस संधू ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में विशेष अनुसंधान के लिए आईसीएमआरआई के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। उनकी प्रयोगशाला में भी विद्यार्थी पहुंचकर कार्य कर सके इसके लिए करार किया जाएगा। इस दौरान मनोज कुमार मरावी, अतीत कुमार जावरे, मृदुल शाक्य एवं बायोडिजाइन इन्नोवेशन सेंटर की पूरी टीम का योगदान रहा|

कुलपति के साथ एमओयू साइन: केंद्रीय उष्ण कटिबंधीय वानिकी अनुसंधान संस्थान के विज्ञानी उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को वनों से संबंधित शोध अध्ययन में मदद करेंगे। बुधवार को विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्राे.अखिलेश पांडे टीएफआरआई के विज्ञानियों से मिले और उनके साथ एमओयू साइन किया। कुलपति प्रो.पांडे ने बताया कि उष्ण कटिबंधीय वानिकी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा.जी राजेश्वर राव ने एमओयू साइन किया। इस दौरान विज्ञान डा.फातिमा शिरीन,नीलू सिंह, डा.एसपी तिवारी भी मौजूद रहे। कुलपति प्रो.अखिलेश पांडे ने कहा कि वन अनुसंधान से जुड़ी जानकारी के लिए केंद्रीय उष्ण कटिबंधीय वानिकी अनुसंधान संस्थान के विशेष मदद मिल सकती है। विद्यार्थी इस संस्थान में आकर शोध से जुड़ी विशेष जानकारी हासिल कर सकते हैं।

Posted By: Ravindra Suhane