State Information Commission: राज्य सूचना आयोग ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता पर लगाया 25 हजार का जुर्माना

Updated: | Sun, 24 Oct 2021 03:40 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राज्य सूचना आयोग ने लोक निर्माण विभाग, पीडब्ल्यूडी, संभाग क्रमांक-दो, जिला जबलपुर के कार्यपालन अभियंता गोपाल गुप्ता, तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला सूचना के अधिकार के उल्लंघन से संबंधित है।

अपीलकर्ता जबलपुर निवासी अधिवक्ता अरुण कुमार जैन द्वारा तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी, पीडब्ल्यूडी, संभाग क्रमांक-दो, जिला जबलपुर के कार्यपालन अभियंता गोपाल गुप्ता से जानकारी चाही गई थी। इस संबंध में की गई कार्रवाई से अपीलकर्ता अधिवक्ता श्री जैन संतुष्ट नहीं हुए।

लिहाजा, नए सिरे से कार्रवाई संचालित की गई। लेकिन अपीलकर्ता फिर भी संतुष्ट नहीं हुआ। लिहाजा, नए सिरे से अपील दायर की गई। इसके बाद जारी दिशा-निर्देश के पालन में लोक सूचना अधिकारी ने मनमानी का रवैया बरकरार रखा। इसके तहत परेशान करने की नीयत से बिना किसी ठोस आधार के 20 रुपये जमा करने विवश किया गया। जबकि नियमानुसार निश्शुल्क जानकारी का प्रविधान है। यही नहीं अपीलकर्ता द्वारा अधिकृत व्यक्ति मुकेश सिंह ठाकुर को संपूर्ण जानकारी प्रदान न करते हुए आधी-अधूरी जानकारी प्रदान की गई।

इस तरह लोक सूचना अधिकारी ने स्वयं को सूचना के अधिकार के उल्लंघन का दोषी बना लिया। राज्य सूचना आयुक्त डा.अरुण कुमार पांडे ने मामले को गंभीरता से लेकर कार्यपालन अभियंता गोपाल गुप्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया।

स्थाई कर्मियों के वेतन भुगतान पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने शासकीय आवासीय विद्यालय आशापुर खंडवा के दो स्थाई कर्मियों की वेतन भुगतान और ज्वाइनिंग की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। शासकीय अावासीय विद्यालय आशापुर के स्थाई कर्मचारी दीपक गौर और महेश की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें स्थाई कर्मचारी से दैनिक वेतन भोगी कर दिया गया है। इसके बाद उनका स्थानांतरण कर दिया गया। अधिवक्ता शक्ति सोनी ने तर्क दिया कि हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद भी कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया गया और दिसंबर 2020 से वेतन भुगतान भी नहीं किया गया। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

Posted By: Ravindra Suhane