Kidney Transplant in Jabalpur: बेटे की जान बचाने पिता ने दी किडनी, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पहला प्रत्यारोपण

Updated: | Mon, 27 Sep 2021 08:58 AM (IST)

Kidney Transplant in Jabalpur। जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रविवार को किडनी प्रत्यारोपण की शुरुआत हुई। करीब तीन घंटे तक चले आपरेशन के दौरान पिता की बाईं किडनी का सफल प्रत्यारोपण बेटे को किया गया। किडनी प्रत्यारोपण की तैयारियां करीब एक माह से जोरशोर से की जा रही थीं। किडनी प्रत्यारोपण के बाद सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल सरकारी अस्पतालों में प्रदेश में दूसरा अस्पताल बन गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सिर्फ भोपाल में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है। खास बात यह है कि आयुष्मान योजना के कार्ड के आधार पर किडनी प्रत्यारोपण निश्शुल्क किया गया। मरीज को सप्ताह भर में अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। नोडल अधिकारी व यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डा. फणींद्र साेलंकी के नेतृत्व में किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया पूर्ण की गई। किडनी प्रत्यारोपण को प्रारंभ कराने में मेडिकल कालेज के डीन डा. प्रदीप कसार, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डायरेक्टर डा. वायआर यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नेफ्रोलाजी व यूरोलाजी विभाग की संयुक्त टीम ने प्रत्यारोपण प्रक्रिया पूर्ण की।

मेरी किडनी ले लो अपनी जान बचाओ: मेडिकल कालेज अस्पताल के डीन डा. प्रदीप कसार ने बताया कि पड़ोसी जिला निवासी मरीज लंबे समय से किडनी रोग से ग्रस्त था। दोनों किडनी खराब हो जाने के कारण सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस कराने के लिए उसे जबलपुर का चक्कर लगाना पड़ता था। मरीज की शारीरिक व मानसिक परेशानी उसके पिता से देखी नहीं गई। जिसके बाद उन्होंने अपनी किडनी देकर बेटे की जान बचाने की इच्छा जाहिर की।

निजी अस्पताल में लाखों का खर्च बताया: पिता के किडनी देने के फैसले के बाद स्वजन मरीज को लेकर निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने लगे। जहां किडनी प्रत्यारोपण के लिए लाखों रुपये खर्च बताया गया। आयुष्मान योजना का कार्ड होने के बावजूद निजी अस्पतालों ने लाखों रुपये की मांग की। आर्थिक तंगी के कारण स्वजन किडनी प्रत्यारोपण का साहस नहीं दिखा पाए। जिसके बाद मरीज की हालत और गंभीर होने लगी। उसकी हालत देखकर स्वजन चिंता में पड़ गए।

सुपर स्पेशियलिटी में हुई प्रत्यारोपण की तैयारी: किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया के नोडल अधिकारी व यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डा. फणींद्र साेलंकी ने बताया कि मरीज को लेकर स्वजन मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डीन डा. कसार से संपर्क कर किडनी ट्रांसप्लांट के लिए गुहार लगाई। जिसके बाद डा. कसार के प्रयासों से शासन द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति जारी की गई। आवश्यक चिकित्सा संसाधन जुटाए गए जिसके बाद एक माह के भीतर किडनी का प्रत्यारोपण कर दिया गया।

मंत्री बढ़ाते रहे मनोबल: डा. सोलंकी ने बताया कि किडनी प्रत्यारोपण के दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग पल-पल की जानकारी लेकर टीम का मनोबल बढ़ाते रहे। किडनी रोग विभाग के डा. अश्विनी पाठक, डा. नीरज जैन, डा. तुषार ने पिता-पुत्र का परीक्षण कर प्रत्यारोपण करने वाली टीम से समन्वय स्थापित किया।

इनकी रही भूमिका: डा. अर्पण, डा. अविनाश, डा. प्रशांत, डा. अनुराग, डा. अर्पणा, डा. कमल, डा. अनिवेश की किडनी प्रत्यारोपण में भूमिका रही।

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जबलपुर के लिए यह गौरव की बात है कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण की शुरुआत हो गई है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत किडनी प्रत्यारोपण किया गया, जिसके लिए मरीज को कोई अतिरिक्त राशि खर्च नहीं करनी पड़ी। किडनी रोगियों को निरंतर यह सुविधा मिलती रहेगी।

डा. प्रदीप कसार, डीन

नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल

Posted By: Ravindra Suhane