कोरोना के नए वेरिएंट को मात देगी जबलपुर मेडिकल की यह तैयारी, हर वार्ड में चार स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा तैयार

Updated: | Tue, 07 Dec 2021 09:08 AM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नए वेरिएंट के साथ कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए मेडिकल कालेज में तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। शासन के निर्देश पर 825 बिस्तरीय कोविड वार्ड तैयार किया गया है। खास बात यह है कि प्रत्येक कोविड वार्ड में मरीजों को चार स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी। हर वार्ड में आइसीयू, एचडीयू, आक्सीजन सहित व आक्सीजन रहित पलंग मौजूद रहेंगे। ताकि किसी भी परिस्थिति में कोरोना मरीज को अन्य वार्डों में न भटकना पड़े।

मेडिकल में ढाई सौ बिस्तरीय आइसीयू बिस्तर तैयार किए जा चुके हैं। हर 20 आइसीयू बिस्तर के बीच आठ वेंटीलेटर लगाए गए हैं। अस्पताल में वेंटीलेटर की क्षमता बढ़कर 200 के पार हो गई है। संयत्रों की स्थापना के बाद आक्सीजन की किल्लत नहीं रही। फिलहाल जिले में कोरोना की तीसरी लहर के हालात नहीं बने हैं। चिकित्सकों का कहना है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाकर, मास्क व शारीरिक दूरी के निर्देश का पालन कर इस खतरे को टाला जा सकता है।

स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट भवन सौंपने की तैयारी: मेडिकल कालेज अस्पताल परिसर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट का भवन पूर्णता की ओर है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो लोक निर्माण विभाग इसी माह मेडिकल प्रशासन को भवन सौंप देगा। बीते कोरोना काल में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद इस भवन को कोविड वार्ड में तब्दील कर दिया गया था। जहां उपचार की वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि इंस्टीट्यूट भवन में सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम लगाया गया है। जहां कोरोना के 200 मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा सकेगा। प्रत्येक पलंग तक सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम लगाया गया है।

भर्ती किए जा सकेंगे 15 सौ मरीज: मेडिकल कालेज अस्पताल में कोविड के 15 सौ मरीज भर्ती किए जा सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने पर अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या घट जाती है। जिसके बाद मेडिकल कालेज अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, स्कूल आफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन, स्पाइनल इंज्यूरीज सेंटर को कोविड वार्ड में तब्दील किया जा सकेगा।

एक और मरीज ने कोरोना को मात दी: कोरोना के नए वेरिएंट के बढ़ते खतरे के बीच एक मरीज ने महामारी को मात दे दी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल के कोविड वार्ड से उसे छुट्टी दे दी गई। इधर, सोमवार को कोरोना से संक्रमित दो नए मरीज सामने आए। वायरोलाजी लैब से जारी रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।

आक्सीजन बनाने वाले प्लांट की स्थापना: नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल में आक्सीजन बनाने वाला प्लांट लगाया जाएगा। जिसके बाद मेडिकल में आक्सीजन आपूर्ति के स्रोत बढ़कर पांच हो जाएंगे। मेडिकल में चार स्टोरेज टैंक से आक्सीजन की सप्लाई की तैयारी की जा रही थी। 2020 में दो आक्सीजन टैंक स्थापित किए जा चुके हैं। जिनसे मेडिकल तथा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आक्सीजन भेजी जा रही है। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए एक आक्सीजन टैंक तथा एक एयर सेपरेशन यूनिट लगाने की कवायद की जा रही है। निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

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कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए शासन ने 825 बिस्तरीय कोविड वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। प्रत्येक वार्ड में चार स्तर की स्वास्थ्य सुविधा मरीजों को दी जाएगी। आइसीयू, एचडीयू, आक्सीजन व आक्सीजन सुविधा रहित वाले पलंग मरीजों को एक ही वार्ड में उपलब्ध होंगे।

डॉ. प्रदीप कसार, डीन

मेडिकल कालेज अस्पताल

Posted By: Ravindra Suhane