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Jabalpur Coronavirus News: जबलपुर जिले में कहां कितनी वैक्सीन की जरूरत, स्वास्थ्य कर्मचारियों जुटा रहे ब्यौरा

Updated: | Wed, 28 Oct 2020 09:55 AM (IST)

जबलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि), Jabalpur Coronavirus News। कोरोना की वैक्सीन के आने की उम्मीद में समूचे जिले में कार्यरत हेल्थ वर्कर का डेटा तैयार कराया जा रहा है। इस कार्रवाई में जुटे स्वास्थ्य विभाग के पास अब तक चिकित्सकों व कर्मचारियों की सबसे बड़ी सूची स्वयं अपने विभाग व नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल से पहुंची है। हालांकि निजी हेल्थ वर्कर की संख्या भी हजारों में बताई जा रही है। डेटाबेस में एमबीबीएस डॉक्टर, आयुष चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, एएनएम यानि सहायक नर्स मिडवाइफ समेत सरकारी व निजी अस्पतालों व औषधालयों में कार्यरत स्वास्थ्य अमले की 13 श्रेणियों को शामिल किया गया है। कुल मिलाकर कोरोना मरीजों के परामर्श, जांच व उपचार प्रक्रिया से जुड़े समस्त स्वास्थ्य अमले को पहले चरण में कोरोना का टीका लगाने की कवायद की जा रही है।

निजी अस्पतालों को भी निशुल्क मिलेगा टीका

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निजी क्षेत्र के चिकित्सकों व कर्मचारियों को भी कोरोना का टीका निशुल्क दिया जाएगा। जिलेभर में संचालित मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सरकारी व निजी औषधालय व अस्पताल, पैथालॉजी लैब, सिविल अस्पताल आदि में पदस्थ हेल्थ अमले को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सक व हेल्थ वर्कर फ्रंटलाइन कार्यबल का हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें पहले टीका लगाया जाना आवश्यक है।

इधर, घटा कोरोना का खतरा

एक तरफ कोविड-19 के टीके का इंतजार बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी ओर कोरोना का वायरस लगातार एक माह से कमजोर हालत में पहुंच गया है। हालात यह हैं कि कोरोना के नए मरीजों की तुलना ज्यादा मरीज अस्पतालों से डिस्चार्ज हो रहे हैं, जिसके चलते इसकी रिकवरी दर बढ़कर 92.68 फीसद पहुंच गई है। जिले में अब तक कोरोना से संक्रमित 12 हजार 670 सामने आ चुके हैं जिसमें 11 हजार 743 स्वस्थ्य होकर घर लौट चुके हैं। एक्टिव केस 726 शेष बचे हैं। 201 मरीजों की मौत हो चुकी है।

टीकाकरण के पहले चरण में चिकित्सकों व हेल्थ वर्कर को लगाया जाएगा कोरोना का टीका।

- केंद्र सरकार ने मांगी सरकारी व निजी अस्पतालों के चिकित्सक व कर्मचारियों की सूची।

- स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में अब तक एलोपैथी, होम्योपैथी, आयुर्वेदिक, आयुष व डेंटल के औषधालयों, फिजियोथेरेपी केंद्र समेत 951 अस्पतालों का डेटा बेस तैयार।

- जिला अस्पताल विक्टोरिया समेत जिला स्वास्थ्य विभाग में छह हजार से ज्यादा चिकित्सक व कर्मचारी पदस्थ।

- नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने सौंपी 4700 कर्मचारियों व चिकित्सकों की जानकारी।

-चिकित्सकों के निजी औषधालयों में 10 हजार से ज्यादा हेल्थ वर्कर का पता चला।

- शहर में संचालित 20 बड़े निजी अस्पतालों में 4500 से ज्यादा कर्मचारी व चिकित्सक सामने आए।

- पहले चरण में स्वास्थ्य विभाग ने की 30 हजार से ज्यादा टीकों की मांग की तैयारी ताकि निजी व सरकारी क्षेत्र के स्वास्थ्य अमले को वायरस से सुरक्षित किया जा सके।

इनका कहना है

कोरोना का टीका जल्द ही उपलब्ध होने की उम्मीद है। पहले चरण में चिकित्सकों व अन्य हेल्थ वर्कर का टीकाकरण किया जाना है। जिनका डेटा बेस तैयार कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में ही कर्मचारियों की संख्या छह हजार से ज्यादा है।- डॉ. रत्नेश कुरारिया, सीएमएचओ

Posted By: Ravindra Suhane
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