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Birsa Diwali: मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल के 27 गावों में मन रही बिरसा दीपावली

Updated: | Sat, 14 Nov 2020 12:00 PM (IST)

खंडवा, Birsa Diwali। देश की आजादी और अपनी संस्कृति बचाने के लिए जन नायक बिरसा-मुंडा द्वारा दिए गए योगदान को जनजाति समुदाय के जन-जन तक पहुंचाने के लिए आदिवासी अंचल में बिरसा दीपावली मनाई जा रही है। वहीं 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंति को गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए खंडवा के खालवा विकासखंड के 27 गांवों में बिरसा मुंडा की तस्वीर के समक्ष दीपक जलाकर संकल्प दिलवाया जाएगा। जनजाति गौरव दिवस मनाए जाने की कार्ययोजना और तैयारियों को लेकर खालवा में हुई एकल अभियान खंड की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस अवसर पर अंचल अध्यक्ष ओम प्रकाश पंवार, सचिव सुनील भारद्वाज, जबरसिंह, जयसिंह चौहान, कृष्ण कुमार पालवी, दयाराम पाटिल उपस्थित थे। अंचल के 27 गांवों में बिरसा दीपावली मनाने के संकल्प के साथ ही अभियान की शुरुआत की जाएगी।

अमर वीर शहीद बिरसा मुंडा एक ऐसे जननायक थे जिन्होंने धर्म संस्कृति और समाज की रक्षा की। क्रांतिकारी चिंतन से जनजाति समाज को नई दिशा दी। देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान किया। ऐसे महान क्रांतिवीर नायक की जयंती के अवसर को पूरे मध्य प्रदेश में जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 15 नवंबर को संस्कृति एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर गौरव दिवस मनाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि देश की स्वतंत्रता के लिए जनजाति समुदाय के कई रणबांकुरे ने अपना योगदान दिया है। इनमें प्रमुख रूप से रानी दुर्गावती, शंकर शाह, रघुनाथ शाह, सीताराम कंवर, रघुनाथ सिंह मंडलोई, भीमा नायक, टंट्या भील, खाज्या नायक और मुडडे बाई जैसे देशभक्त शामिल हैं। देश और समाज के लिए योगदान देने वाले इन नायकों में कई नाम आज भी अपनी पहचान को मोहताज हैं। जनजातीय काल खंड द्वारा आदिवासी बाहुल्य विकासखंड और गांवों में जन जागरुकता के लिए बिरसा दीपावली मनाने का निर्णय लिया गया।

Posted By: Prashant Pandey
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