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Khandwa News: नाबालिग का व‍िवाह कर रहे थे परिजन, अधिकारियों की समझाइश पर माने

Updated: | Wed, 25 Nov 2020 07:15 PM (IST)

Khandwa News: खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। संजय नगर क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार द्वारा किया जा रहा नाबालिग का विवाह पुलिस ने रुकवा दिया। दूल्हा-दुल्हन द्वारा वरमाला पहनाने से पहले ही ऐन मौके पर पुलिस ने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंचकर विवाह को रोक लिया। स्वजनों के समझाने के बाद वे शादी नहीं करने पर राजी हुए।

लालचौकी क्षेत्र में महालक्ष्मी माता के मंदिर के पास स्थित मांगलिक परिसर में बुधवार को संजय नगर में रहने वाली 17 वर्ष चार माह की नाबालिग लड़की की शादी सिंधी कॉलोनी के पास रहने वाले राठौर परिवार में होने वाली थी। शादी को लेकर तीन दिन से तैयारी चल रही थी। दोनों ही परिवार के लोग दूल्हा-दुल्हन को लेकर शादी के मंडप में बैठे हुए थे। इससे पहले कि वरमाला पहनाई जाती, मोघट पुलिस के साथ महिला बाल विकास विभाग की सीडीओपी पूजा राठौर मांगलिक परिसर में अधिकारियों के साथ पहुंच गईं। पुलिस व अधिकारियों को देख दोनों ही पक्षों के होश उड़ गए। महिला बाल विकास के अधिकारियों ने शादी को रुकवा दिया। अचानक शादी के रुक जाने से मंडप में हड़कंप मच गया।

पुलिस ने मामले को संभालते हुए दुल्हन की मां व पिता से पूछताछ की। उनसे दुल्हन का जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड मंगवाया गया। दूल्हा बने युवक से भी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बुलवाया गया। सीडीओपी पूजा राठौर ने बताया कि दस्तावेज जांच करने पर लड़का बालिग मिला है। उसकी जन्म तिथि 1996 की है। दूसरी तरफ दुल्हन का जन्म जुलाई 2003 का है। दुल्हन के बालिग होने में अभी 8 माह शेष हैं। दुल्हन के नाबालिग होने की स्थिति में शादी को रुकवा दिया है।

शादी नहीं तो सगाई ही करने दी जाए

बालिका के परिवार के लोग शादी नहीं करने पर राजी तो हो गए, लेकिन वे सगाई करने पर जोर दे रहे थे। बालिका के पिता का कहना था कि चार माह बाद शादी का मुहूर्त नहीं है। इसलिए वे शादी कर रहे थे, लेकिन अब शादी नहीं कर रहे हैं। उन्हें लड़की की सगाई करने दी जाए ताकि वे मांगलिग भवन में दोनों की सगाई ही कर दें। इस पर अधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए किसी भी तरह के आयोजन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद दोनों ही परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ वापस लौट गए। पुलिस ने मंडप भी निकलवा दिया। इसके साथ ही अतिथियों के लिए बनाया गया भोजन भी वापस ले जाना पड़ा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay
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