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Morena News: चंबल के घड़ियाल अब पंजाब की कई नदियों को स्वच्छ रखने में बन रहे मददगार

Updated: | Fri, 25 Jun 2021 05:08 PM (IST)

- चार साल में 50 घड़ियाल दिए जा चुके हैं, सतलज और ब्यास नदियों में छोड़े गए थे

- इससे पहले 25-25 घड़ियाल सोन और केन नदियों के लिए दिए गए

Morena News:हरिओम गौड़, मुरैना। बीहड़ क्षेत्र में बहने वाली चंबल नदी घड़ियालों का दुनिया में सबसे बड़ा ठिकाना है। कई नदियों में उनकी संख्या घट रही है, लेकिन चंबल में घड़ियालों का वंश लगातार बढ़ रहा है। अब स्थिति यह है कि यहां से घड़ियाल अन्य नदियों के लिए भेजे जा रहे हैं। चंबल घड़ियाल अभयारण्य के देवरी स्थित केंद्र में पले-बढ़े घड़ियाल पंजाब की कई नदियों की स्वच्छता व शोभा पहले से बढ़ा रहे हैं। अब पंजाब सरकार ने 50 और घड़ियालों की मांग की है। इन्हें दिए जाने की सहमति भी बन गई है।

घड़ियाल नदियों का प्राकृतिक सफाईकर्मी होता है। साफ पानी में ही उसका वंश बढ़ता है। एक तरह से इसकी मौजूदगी पानी की स्वच्छता का संदेश देती है। पंजाब सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार के जरिये इसी सप्ताह घड़ियालों की मांग भेजी है। इससे पहले भी चंबल से वर्ष 2017 और 2018 में 25-25 घड़ियाल पंजाब भेजे गए थे। इन्हें ब्यास और सतलज में छोड़ा गया था।

पानी की सफाई के लिए महत्वपूर्ण है घड़ियाल

जलीय जीव विशेषज्ञ डॉ. विनायक सिंह तोमर बताते हैं कि घड़ियाल अप्रत्यक्ष रूप से अपना काम करता है। मगरमच्छ से लेकर अधिकांश जलीय जीव मछलियां खाते हैं, लेकिन वे उनकी गुदा व कुछ अन्य अवशेषों को छोड़ देते हैं। इनसे पानी प्रदूषित होता है। घड़ियाल ऐसा जीव है तो मछली के समस्त अवशेषों के अलावा अन्य कई प्रकार के जैविक प्रदूषकों का भक्षण कर उनका पूर्ण अपघटन करते हैं। पानी की सफाई करने वाले कछुओं के संरक्षक भी घड़ियाल होते हैं इसलिए जहां घड़ियाल होते हैं वहां कछुए रहते हैं।

पंजाब के अलावा यहां भी भेजे गए थे घड़ियाल

13 साल पहले बुंदेलखंड की जीवनरेखा कही जाने वाली छतरपुर जिले की केन नदी के लिए दो बार में 50 घड़ियाल दिए गए थे।

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बहने वाली सोन नदी के लिए जनवरी 2019 में 25 घड़ियाल भेजे गए थे

ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, दिल्ली, जयपुर, आगरा, चंडीगढ़, रायपुर आदि जगहों के चिड़ियाघरों में चंबल के घड़ियाल ही भेजे जाते रहे हैं।

जलीय जीवों की गणना के इसी साल फरवरी में जारी आंकड़ांे के अनुसार पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा 2176 घड़ियाल चंबल नदी में ही हैं।

इनका कहना है

-पंजाब सरकार ने हमसे 50 घड़ियालों की मांग की है। देवरी घड़ियाल केंद्र पर दो साल से अधिक उम्र के घड़ियालों में से 50 पंजाब को दिए जाने की तैयारी है। यह चंबल क्षेत्र के लिए उपलब्धि है कि हम ऐसे महत्वपूर्ण जलीय जीव के संरक्षक हैं।

अमित निगम, डीएफओ, चंबल घड़ियाल अभयारण्य, मुरैना, मध्य प्रदेश

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay
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