Rewa News : काम में लापरवाही का आरोप सिद्ध, एडीजी ने निरीक्षक और एएसआइ को सेवा से पृथक किया

Updated: | Wed, 20 Oct 2021 05:05 PM (IST)

रीवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। एसपी सिंगरौली वीरेंद्र कुमार सिंह के जांच प्रतिवेदन के बाद एडीजी केपी वेंकटेश्वर राव पदेन आइजी द्वारा तत्कालीन थाना प्रभारी रहे निरीक्षक हरीश दुबे सहित एएसआइ दान सिंह परस्ते को सेवा से पृथक कर दिया गया है। जबकि एएसआइ प्रमोद पांडे को साक्ष्य के अभाव में आरोप से मुक्त किया गया है। उक्त आदेश आइजी कार्यालय से मंगलवार देर रात जारी कर दिया गया है। आइजी कार्यालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो आदेश जारी होने के आधे घंटे के अंदर ही उक्त आदेश की तामिली पुलिस अधीक्षक कार्यालय सतना तथा अमदरा करा दी गई है। वर्तमान में हरीश दुबे अमदरा थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ हैं। जबकि एएसआइ दान सिंह परस्‍ते पुलिस लाइन रीवा में पदस्थ हैं।

क्या है मामला : मिली जानकारी में बताया गया है कि जुलाई 2017 में एक महिला द्वारा आग लगाकर आत्महत्या कर ली गई थी! उक्त मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी हरीश दुबे द्वारा मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया गया था। मृतका का पीएम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊगंज में कराया गया था। पीएम रिपोर्ट में दम घुटने के कारण मौत को कारण बताया गया था साथ ही गला दबाने के निशान भी मिलने की बात कही गई थी। बावजूद इसके उक्त मामले में हत्या का मामला दर्ज ना करके खात्मा रिपोर्ट लगाने के लिए दिसंबर में वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मर्ग डायरी पेश की गई। एक डायरी को निरीक्षण के दौरान एमएलसी रिपोर्ट देखने के बाद विभागीय जांच प्रस्तावित की गई थी। आइजी कार्यालय द्वारा उक्त विभागीय जांच करने के लिए सिंगरौली एसपी को नियुक्त किया गया था। जिन्होंने अभी जांच प्रतिवेदन में थाना प्रभारी सहित जांचकर्ता अधिकारी को दोषी पाया। उन्होंने अपना प्रतिवेदन आइजी रीवा कार्यालय में प्रस्तुत किया प्रतिवेदन आने के बाद थाना प्रभारी सहित एएसआइ को सेवा से पृथक कर दिया गया।

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काम में घोर लापरवाही तथा हत्या जैसे जघन्य अपराध को मर्ग के रूप में पंजीकृत करना लापरवाही की श्रेणी आता है। एसपी सिंगरौली के जांच प्रतिवेदन के उपरांत उक्त कार्रवाई की गई है। आदेश जारी होने के तुरंत बाद से आदेश का पालन करा दिया गया है।

- केपी वेंकटेश्वर राव (एडीजी) आइजी रीवा

Posted By: Brajesh Shukla