सागर में बिक रही थीं ब्रांडेड कंपनी के नाम से नकली घड़ियां, पुलिस ने की कार्रवाई

Updated: | Sun, 28 Nov 2021 11:54 AM (IST)

सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के निगम मार्केट स्थित समय इलेक्ट्रोनिक्स, फौजी वाच कंपनी, आर्मी वाच एवं सुपर इलेक्ट्रानिक्स दुकानों में फास्ट्रेक और सोनाटा कंपनी की हाथ घड़ी असली उत्पाद के नाम पर नकली बेची जा रही थीं। कोतवाली पुलिस ने ईआइपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिमेड के जांच अधिकारी मयंक शर्मा की शिकायत पर घड़ी दुकानों की जांच की तो वहां फास्ट्रैक व टाइटन कंपनी की नकली घड़िया मिली। इन घड़ियों को जब्त कर दुकान संचालकों पर आइटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक कोतवाली पुलिस ने कंपनी के मैनेजर के साथ निगम मार्केट स्थित आर्मी वाच कंपनी पर कार्रवाई की। यहां दुकान संचालक सदर बाजार निवासी राजकुमार लालवानी पिता मोहन लाल लालवानी मिले। दुकान में जांच की गई तो यहां 35 नग फास्ट्रेक कंपनी की हूबहू असली जैसी दिखने वाली नकली हाथ घडियां मिली। इनकी कीमत 24 हजार पांच सौ रुपये थी। पुलिस ने घड़ियां जब्त कीं। दुकानदार के पास इन घड़ियों से संबंधित दस्तावेज भी नहीं थे। दुकान संचालक राजकुमार लालवानी पर धारा 51, 63 कापी राइट एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई।

वहीं निगम मार्केट में फौजी वॉच कंपनी में दुकानदार सुभाष नगर निवासी 43 वर्षीय दीपक गोपलानी पिता चन्द्रलाल गोपलानी मिले। इस दुकान में जांच की गई तो यहां से 152 नग फास्ट्रेक कंपनी की हूबहू असली जैसी दिखने वाली नकली हाथ घडियां मिली। इनकी कीमत 1 लाख छह जार चार सौ रुपये आंकी गई। दुकान संचालक दीपक गोपलानी पर धारा 51, 63 कापी राइट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इसी तरह सुभाषनगर निवासी 49 वर्षीय गुलाब सचदेव पिता स्व. रतन लाल सचदेव के यहां भी जांच की तो यहां 30 नग फास्ट्रेक कंपनी की नकली घड़िया मिली। इनकी कीमत 21 हजार थी।

समय इलेक्ट्रॉनिक्स पर सोनाटा कंपनी की नकली 47 नग घड़ियां मिली

टीम ने समय इलेक्ट्रोनिक्स पर कार्रवाई की। यहां सिंधी कैंप निवासी 42 वर्षीय सुनील कुमार पिता परमानंद दरयानी मिले। जांच अधिकारी मयंक शर्मा ने सोनाटा एवं फास्ट्रेक के नकली उत्पादों को चिन्हित पर 47 नग सोनाटा कंपनी घडियां जब्त की। इनकी कीमत 32 हजार नौ सौ थी। वहीं 50 नग फास्ट्रेक कंपनी की नकली घड़ियां मिलीं, इनकी कीमत 35 हजार आंकी गईं। यह घड़ियां असली जैसी दिख रहीं थीं। दुकानदार इन घड़ियों के कागज भी नहीं दे पाया। आरोपित दुकान संचालक सुनील कुमार पिता परमानंद दरयानी पर आइपीसी की 51, 63 कापीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई की। इस संबंध में टीआइ सतीष सिंह का कहना है कि कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर कार्रवाई की गई। दुकानों पर मिलते जुलते नामों व नकली ब्रांड के घड़ियां बिक रही थीं। संबंधितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

लगातार शिकायत के बाद कार्रवाई की

सागर में ब्रांडेड कंपनी के नकली घड़ियों की लगातार शिकायत मिल रही थी। इसके बाद कोतवाली थाने में इसकी लिखित शिकायत की। पुलिस के साथ दुकानों में जांच की गई तो यहां मिलते-जुलते नाम हूबलू नकली घड़ियां मिली। पुलिस ने संबंधितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

- मयंक शर्मा, मैनेजर, ईआइपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

Posted By: Ravindra Soni