डेंगू की चपेट में आए सागर के डॉक्टर की मौत, नाजुक वक्‍त में जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से नही मिल सकी मदद

Updated: | Fri, 03 Dec 2021 10:48 AM (IST)

सागर, नवदुनिया प्रतिनिधि। रहली स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक एमबीबीएस डॉक्टर की डेंगू के कारण मौत हो गई है। डॉ के बेहतर इलाज लिए उनके स्वजनों एवं बीएमसी डॉकटरों ने जिले के लोगों से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन मदद मिलने से पहले उनका निधन हो गया। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहली में पदस्थ डॉक्टर अरविंद पटेल कुछ दिन पूर्व डेंगू से ग्रसित हो गए थे। उन्हें सागर में इलाज के बाद आराम ना मिलने पर बंसल हॉस्पिटल भोपाल में भर्ती कराया गया था। डेंगू की वजह से उनके फेफड़े किडनी और लीवर पर बहुत बुरा असर पड़ा था।

उनके बड़े भाई और बीएमसी के डॉक्टर ने उनकी मदद की अपील की थी, ताकि बेहतर इलाज के लिए उन्हें हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल ले जाया जा सके। इस मामले में कुछ राशि जुट पाती, इसके पहले ही उनका निधन हो गया। उनके निधन से बीएमसी व अन्य डाक्टरों में निराशा है।

बीएमसी के एक डाक्टर की मदद के लिए आगे आए थे सीएम

कोरोना की दूसरी लहर में बीएमसी के चेस्ट रोग विशेषज्ञ दाता सतेंद्र मिश्रा की कोरोना की चपेट में आने से हालत नाजुक हो गई थी। इस दौरान यहां की डॉक्टरों ने जिले के लोगों से मदद वहां लगाई थी। विधायक शैलेंद्र जैन की पहल पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डॉक्टर की मदद के लिए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया था इसके बाद तत्कालीन कलेक्टर दीपक सिंह ने तत्परता दिखाते हुए सागर से भोपाल तक ग्रीन कॉरीडोर तैयार कराके उन्हे एंबुलेंस से भोपाल भेजा था। वही कलेक्टर श्री सिंह ने एयर एंबुलेंस का खर्चा जमा करने अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए इंडियन बैंक के अफसरों से रविवार को अवकाश वाले दिन बैंक खुलवाया था और किराया राशि जमा कराई थी। इसके बाद भोपाल से ईयर एंबुलेंस की माध्यम से डॉ सत्येंद्र को हैदराबाद भेजा गया था जिसके बाद उनका उचित इलाज हुआ और वह वापस मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं देने लगे हैं।

Posted By: Ravindra Soni