सतना में निष्पक्ष रूप से चुनाव कराने वाला दल ही जुटा रिश्वतखोरी में, गूगल पे के माध्यम से लिया था एक हजार, चार निलंबित

Updated: | Tue, 26 Oct 2021 02:06 PM (IST)

सतना, नईदुनिया प्रतिनिधि। सतना में रैगांव विधानसभा को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए एसएसटी नाके बनाए गए हैं। एसएसटी नाकों में वाहनों की जांच के अलावा बाहर से आने वाले व्यक्तियों की निगरानी की जा रही है लेकिन जांच के बहाने एसएसटी नाकों में वसूली का मामला भी सामने आया है।

एसएसटी नाके में रेत से लोड ट्रक के मालिक से एक हजार रुपये गूगल पे के जरिए लेने के मामले में प्रारंभिक जांच के उपरांत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कटेसरिया ने सहकारिता निरीक्षक और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने तीन पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही जांच भी शुरू कर दी है।

मांगी थी 15 हजार की रकम: एक हजार की वसूली खाम्हा खूझा में बनाए गए एसएसटी नाके में तैनात कर्मचारियों के द्वारा रविवार को बालू से लोड ट्रक को रुकवाया गया। ट्रक चालक से बालू परिवहन के दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेज सही पाए जाने पर ओवर लोडिंग का हवाला देकर ट्रक को थाने मे खड़ा कराने की धमकी दी गई। चालक के द्वारा सूचना दिए जाने पर ट्रक मालिक एसएसटी नाका पहुंचा। एसएसटी नाका में तैनात सहकारिता निरीक्षक का परिचय एएसआइ के द्वारा खनिज अधिकारी के रूप में देकर 15 हजार रुपये की डिमांड की गई। ट्रक मालिक ने 15 हजार रुपये देने में असमर्थता जताई, आखिरकार एक हजार रुपए की देने के लिए कहा गया। नकदी न देने का हवाला देकर ट्रक मालिक ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए कहा तो एएसआई व एसएसटी नाके में तैनात कर्मचारियों के द्वारा नजदीक स्थित मेडिकल स्टोर में गूगल पे के जरिए एक हजार रुपये का पेमेंट कराया गया। एक हजार लेने के बाद ही बालू से लोड ट्रक को छोड़ा गया।

कलेक्टर ने गठित की थी जांच टीम: एसएसटी नाका में तैनात कर्मचारियों के द्वारा बालू से लोड ट्रक रोक कर गूगल पे के जरिए एक हजार रुपये वसूलने का मामला किसी ने इंटरनेट मीडिया में वायरल कर दिया। जिसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर अजय कटेसरिया इसे संज्ञान में लिया। उनके द्वारा एसडीएम की अगुवाई में जांच टीम गठित की गई। जांच टीम ने पाया कि निर्वाचन कार्य में संलग्न एसएसटी टीम के द्वारा एक हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से लिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा शिकायत प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने के कारण सहकारिता निरीक्षक आशीष शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जबकि पुलिस की भूमिका और कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को कहा गया।

एसपी ने सीएसपी को सौंपी जांच: खाम्हा खूझा स्थित एसएसटी नाका में ट्रक मालिक से गूगल पे के माध्यम से एक हजार रुपये का आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के द्वारा एएसआई उमेश पांडेय (पुलिस लाइन), प्रधान आरक्षक मनोज सिंह (सिटी कोतवाली), आरक्षक ललन देव पांडेय (पुलिस लाइन) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच पुलिस अधीक्षक द्वारा नगर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान को सौंपी गई है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

Posted By: Ravindra Suhane