सि‍वनी जिले में रतनजोत का फल खाने से 45 से ज्यादा स्कूली बच्चे बीमार, बरघाट अस्पताल में भर्ती

Updated: | Fri, 03 Dec 2021 08:55 PM (IST)

सिवनी/बरघाट।जिले के बरघाट विकासखंड के गर्रापाठा साल्हे प्रायमरी मिडिल स्कूल के करीब 45 बच्चों को रतनजोत (चंद्रजोत) का फल खाने के बाद बीमार होने पर शुक्रवार शाम बरघाट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।सभी बच्चाें का उपचार जारी है। बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने के कारण सूचना पर बरघाट थाने के पुलिस वाहन, 100 डायल व गांव के अन्य वाहनों से लाकर बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

स्वजनों के साथ बीमार बच्चों के बरघाट अस्पताल पहुंचने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलने पर बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकाेड़िया, बरघाट एसडीएम एससी घोरमारे, तहसीलदार अमित रिनाहतिे, थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा व अन्य अधिकारी भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे गए।

स्वजनों के मुताबिक स्कूल गए बच्चों ने शुक्रवार दोपहर में स्कूल के पास स्थित रतनजोत पेड़ के फल खा लिए थे और स्कूल से वापस घर लौट गए।शाम को जब बच्चों को उल्टी, जी मचलाने व पेट दर्द की शिकायत हुई तो बच्चों ने रतनजोत का फल खाने की जानकारी स्वजनों को दी। इसके बाद 100 डायल व बरघाट पुलिस को सूचना देकर वाहनों में बीमार बच्चों को अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया।बीएमओ डॉ. उषा श्रीपांडे व डॉ. नितिन गजभिए की देखरेख में बच्चों का उपचार जारी है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरघाट में शुक्रवार रात करीब 8.30 बजे तक 45 बीमार बच्चों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, जिनका उपचार जारी है।अस्पताल पहुंचे विधायक अर्जुनसिंह काकोड़िया ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व डॉक्टराें को बीमार बच्चों का बेहतर इलाज करने की बात कही। विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों से चर्चा कर उनका हाल जाना।

डॉक्टरों के मुताबिक सभी बच्चों की स्थिति सामान्य व नियंत्रण में है।रतनजोत बीज का असर 72 घंटे तक रहता है।जरूरत पड़ने पर बच्चों को जिला अस्पताल रैफर किया जाएगा ताकि बच्चों का बेहतर इलाज हो सके।गुरूवार को इंदौरी प्रायमरी स्कूल के 13 बच्चों को बीमार होने पर भर्ती कराया गया था, शुक्रवार को बच्चों की हालत में सुधार होने पर सभी बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

इनका कहना है

रतनजोत का फल खाने से बीमार हुए बच्चों की स्थिति नियंत्रण में है।सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार जारी है।जरूरत पड़ने पर बच्चों को जिला अस्पताल रैफर किया जाएगा।

डॉ. उषा श्रीपांडे, बीएमओ बरघाट

Posted By: Brajesh Shukla