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Shahdol Naidunia vatavrksh abhiyaan : वट का पौधा लगाकर आक्सीजन को सहेजने का करेंगे काम

Updated: | Wed, 09 Jun 2021 05:58 PM (IST)

शहडोल, नईदुनिया प्रतिनिधि। गुरुवार को वट पूजा का आयोजन पूरे धार्मिक रीति रिवाज से किया जा रहा है। गौरतलब है कि महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं और यह परंपरा अति प्राचीन है जिसका आज तक पालन किया जा रहा है। नईदुनिया ने भी एक अभियान चलाया है जिसके तहत लोगों को वट का पौधा लगाने के लिए संदेश दिया जा रहा है। नईदुनिया के इस संदेश को लोगों ने आत्मसात किया है और 10 जून को अपने घर और घरों के आसपास वट के पौधे को रोपने का काम किया जाएगा। शहर के लोगों ने इस अभियान की सराहना की है और कहा है कि सबसे ज्यादा आक्सीजन देने वाले वृक्षों में वट के वृक्ष का भी उल्लेख है।

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प्राचीन काल से ही वृक्षों की देवता के समान पूजा की जाती है पीपल और बरगद के पेड़ यह सबसे ज्यादा आक्सीजन देने वाले पेड़ माने जाते हैं। इनके पौधों को रोपकर हम आने वाली पीढ़ी के लिए एक अच्छा वातावरण तैयार कर सकते हैं।

-डीके रूसिया, वरिष्ठ नागरिक

हम महिलाएं अक्सर किसी ना किसी धार्मिक कार्यक्रम के तहत पौधरोपण का काम करते चले आ रहे हैं। हर साल वट पूजा करने का यही एक माध्यम भी होता है। इस बार भी हम नईदुनिया के अभियान का समर्थन करते हुए वट के पौधे का रोपण कर रहे हैं।

-वर्षा पांडे, सुपरवाइजर

लोगों को पेड़ लगाने के लिए आगे आना चाहिए और इसका संरक्षण भी करना चाहिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 10 जून को अपनी टीम के साथ वट के पौधे का जगह-जगह रोपण करेगा और हर कार्यकर्ता इसका संरक्षण भी करेगा।

- मनोज यादव, संगठन मंत्री एबीवीपी

कोरोना संकट काल में आक्सीजन की बहुत जरूरत महसूस हुई लोगों की समझ में भी आया कि आक्सीजन वास्तव में इंसान के लिए कितनी जरूरी है वट का वृक्ष सबसे ज्यादा आक्सीजन देने वाला माना जाता है हम सबको वट का पौधा लगाना चाहिए और आज इस पौधे को मैं भी रोपित करूंगी।

-संचिता सरवटे, पार्षद

Posted By: Brajesh Shukla
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