संजय गांधी ताप विद्युत गृह की 500 मेगावाट की यूनिट भी ठप, 210 मेगावाट की दो यूनिट पहले ही है बंद

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 05:03 PM (IST)

उमरिया। संजय गांधी ताप विद्युत गृह की 500 मेगावाट की एक और इकाई बंद हो गई है। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक 500 मेगावाट की यही काई ब्वॉयलर ट्यूब में लीकेज के बाद बंद हुई है। इस बारे में जानकारी देते हुए संजय गांधी ताप विद्युत गृह के चीफ इंजीनियर हेमंत संकुले ने बताया कि ब्वॉयलर ट्यूब में लीकेज के कारण 500 मेगावाट की इकाई को बंद किया गया है। जबकि 210 मेगावाट की दो इकाइयां पहले से ही बंद है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह में 210 मेगा वाट की सिर्फ 2 इकाइयों से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। 1340 मेगावाट की कुल क्षमता में मात्र 2 यूनिटें 336 मेगावाट बिजली कर रही उत्पादन हो रहा है।

लगातार ठप हो रही यूनिट: पिछले सप्ताह गुरुवार को संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट 4 नंबर की ब्वॉयलर ट्यूब लीकेज से ठप्प हो गई थी। इसके बाद 26 नवम्बर शुक्रवार को सुबह 05:07 पर 210 मेगावाट की एक नंबर यूनिट बंद हो गई थी। हालांकि पिछले कई दिनों से बंद 210 मेगावाट की दो नंबर इकाई को चालू कर लिया गया था। 210 मेगावाट कि इस यूनिट में भी कोई बड़ी तकनीकी खराबी आने की जानकारी दी गई थी। बताया गया है कि ब्वॉयलर ट्यूब में लीकेज के अलावा भी कुछ और समस्याएं आई थी।

उत्पादन प्रभावित

गुरुवार को बन्द हुई थी एक यूनिट: संजय गांधी ताप विद्युत गृह की 210 मेगावाट की एक यूनिट गुरुवार की शाम बंद हो गई थी। दूसरी यूनिट गुरुवार की शाम 5:10 पर ब्वॉयलर ट्यूब में लीकेज के कारण बंद कर दी गई थी। 210 मेगा वाट की दो नंबर यूनिट पहले से ही बंद थी। गुरुवार को संजय गांधी ताप विद्युत गृह की 210 मेगावाट की दो यूनिट बंद होने के बाद 210 मेगावाट की दो यूनिट और 500 मेगावाट की एक यूनिट यानी कुल 1340 मेगावाट में से 840 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। अब 500 मेगावाट की एक और यूनिट बन्द होने के बाद घटकर 336 मेगावाट रह गया था।

कौन है जिम्मेदार: पिछले 4 महीने में बार-बार संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट बंद हो रही हैं। जबकि पिछले 4 महीनों में रखरखाव के दौरान सबसे ज्यादा समय तक यूनिटों को बंद रखा गया था। इतना ही नहीं रखरखाव के दौरान पहले से ज्यादा खर्च भी किया गया। इसके बावजूद यूनिट बार-बार बंद हो रही है। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि 500 मेगावाट की पांच नंबर यूनिट के टरबाइन में वाइब्रेशन तक होने लगा। आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह में 20 से 25 से जमे बैठे कई इंजीनियर यही प्रमोशन पा चुके हैं लेकिन क्या वह भी संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिटों के बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते। हालांकि पता यह भी चल रहा है कि संजय गांधी ताप विद्युत गृह में अधिकारियों के बीच अच्छा तालमेल न होने के कारण ही यह स्थिति बार-बार निर्मित हो रही है।

Posted By: Ravindra Suhane