Bandhavgarh Tiger Reserve: मधुमक्खियां अब जंगली हाथियों का सामना करेंगी, जानिए क्‍या है मामला

Updated: | Sun, 03 Oct 2021 06:06 PM (IST)

Bandhavgarh Tiger Reserve: संजय कुमार शर्मा, उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगातार बढ़ रहे जंगली हाथियों से निपटने के लिए प्रबंधन ने मधुमक्खियों को आगे करने का निर्णय लिया है। मधुमक्खियां अब हाथियों का सामना करेंगी और उन्हें गांव में प्रवेश करने से रोकेंगी। इस योजना के साथ एक प्रस्ताव बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से वन प्राणी मुख्यालय भोपाल भेजा गया है। इससे न सिर्फ जंगली हाथियों को गांव में प्रवेश करने से रोका जाएगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं को मधुमक्खी पालन के रूप में रोजगार भी मिलेगा। 10 गांव में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू किया जाएगा।

मधुमक्खियों से डरते हैं हाथी

बांधवगढ़ के फील्ड डायरेक्टर विंसेंट रहीम ने बताया कि विशालकाय हाथी मधुमक्खियों और उनकी भिनभिनाहट से डरते हैं और दूर भागते हैं। इसका फायदा उठाकर जंगल से लगे गांवों को सुरक्षित किया जा सकता है। एक साथ बहुत सारी मधुमक्खियों को हाथियों के पीछे छोड़ पाना आसान काम नहीं है। इसलिए एक डिवाइस का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे हाथियों को गांव से दूर रखा जा सके। यह डिवाइस उन स्थानों पर लगाई जाएगी जहां मधुमक्खी पालन किया जा रहा है।

इस तरह काम करेगा डिवाइस

एलीफेंट प्रोजेक्ट से मिलने वाली राशि से डिवाइस खरीदे जाएंगे।

खादी ग्राम उद्योग से ग्रामीण युवाओं को सहायता दिलाकर मधुमक्खी पालन का काम शुरू कराया जाएगा।

डिवाइस को ऑपरेट करने के लिए एनजीओ की मदद से ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

जैसे ही जंगली हाथी गांव के नजदीक पहुंचेंगे वैसे ही इस डिवाइस को ग्रामीण ऑपरेट करना शुरू कर देंगे।

ब्लूटूथ और वाईफाई के माध्यम से डिवाइस से मक्खियों की भिनभिनाहट की आवाजें आएंगी।

इस आवाज के साथ ही मधुमक्खियां भी अपने स्थान को छोड़कर बाहर आ जाएंगी जिससे हाथी भाग जाएंगे।

इनका कहना है

पेटियों में एक डिवाइस लगाया जाएगा, जिससे हाथियों के आने के साथ ही मधुमक्खियों की भिनभिनाहट जैसी तेज आवाज निकलना शुरू हो जाएगी। साथ ही असली मधुमक्खी भी यहां पाली जाएंगी और वो भी हाथियों को रोकेंगी। यह प्रस्ताव वन मुख्यालय को भेजा गया है।

-विंसेंट रहीम, फील्ड डायरेक्टर बांधवगढ़।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay