यूजीसी गाइडलाइंस 2022-23: पीएचडी के लिए अब नेट, यूजी और पीजी के लिए सीईटी होगा जरूरी

Updated: | Wed, 01 Dec 2021 10:50 PM (IST)

UGC Guidelines 2022-23: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट या सीईटी की तैयारी करने को कहा है। साथ ही आयोग ने पीएचडी दाखिले के लिए नेट एग्जाम पास करना जरूरी कर दिया है। यूजीसी द्वारा पीएचडी, पीजी और यूजी एडमिशन के लिए जारी किए नए नियम अगले शैक्षणिक सत्र 2022-23 लागू होगा।

कोरोना महामारी के कारण रद्द हुई सीईटी परीक्षा

सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के लिए केंद्रीय पात्रता परीक्षा या सीईटी राष्ट्रीय एग्जाम द्वारा 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी। एडमिशन के लिए सीईटी स्कोर पर विचार करने के लिए प्राइवेट और अन्य डीम्ड विश्वविद्यालयों को यूजीसी ने सुझाव दिए हैं। बता दें केंद्रीय विश्वविद्यालयों के सीईटी परीक्षा इस साल से शुरू होने वाली थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे रद्द कर दिया गया।

यूजीसी ने सभी कुलपतियों का लिखा पत्र

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखे पत्र में कहा कि सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज को शैक्षणिक सत्र 2022-23 से कॉमन एंट्रेस टेस्ट के लिए उचित उपाय करने की सलाह दी जाती है। ये परीक्षाएं कम से कम 13 भाषाओं में आयोजित की जाएंगी, जो एनटीए पहले से ही जेईई और एनईईटी एग्जाम आयोजित कर रहा है। कॉमन एंट्रेंस टेस्ट को इच्छुक प्रदेश, प्राइवेट विश्वविद्यालयों, डीम्ड यूनिवर्सिटीज द्वारा भी अपनाया जा सकता है। परिवर्तन राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी 2020 के अनुसार प्रस्तावित हैं।

एनईपी ने रखा परीक्षा का प्रस्ताव

बता दें एनईपी ने सभी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए एक केंद्रीय परीक्षा का प्रस्ताव रखा था। जिससे बोर्ड परीक्षाओं पर निर्भरता कम हो गई। सीईटी से सभी स्टूडेंट्स के लिए एक समान प्लेटफॉर्म प्रदान करने की उम्मीद है। वहीं शैक्षणिक साल 2022-23 से लागू होने की उम्मीद है।

Posted By: Arvind Dubey