#UpscTopper: अरे सुनती हो, कलेक्टर बनकर चमकी है अपनी जागू, झूम उठा टॉपर जागृति अवस्थी का गांव

Updated: | Sun, 26 Sep 2021 08:55 AM (IST)

UPSC Result 2021: (फतेहपुर) अरे सुनती हो, कलेक्टर बनकर अपनी जागू पूरे देश में चमकी है। शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे जब जागृति के आइएएस बनने की खबर उनके ताऊ को मिली तो उनके मुंह से यही बोल फूटे। इसके कुछ देर बाद ही यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा-2020 में महिला वर्ग में देश की टापर जागृति अवस्थी की सफलता पर नसेनिया गांव का हर कोना झूम उठा। लोग उनके घर की ओर दौड़ पड़े। परिवारीजन को हर कोई बधाई देता दिखाई पड़ा। एक-दूसरे का मुंह मीठा कराने की होड़ सी लग गई। कोई जागृति के पिता की यादें ताजा करने लगा तो कुछ लोग बिटिया के बचपन से लेकर अब तक की मेधा की चर्चा करते रहे।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में महिला वर्ग की टापर और ओवरआल रैंकिंग में दूसरे नंबर पर रहीं जागृति अवस्थी के पिता इंटरमीडिएट पास करने के बाद बैचलर आफ होम्योपैथी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) की पढ़ाई के लिए मध्यप्रदेश के छतरपुर चले गए थे। वहां पर पढ़ाई पूरी करने के बाद वह भोपाल में मेडिकल कालेज में बतौर प्रोफेसर तैनात हैं। खजुहा-अमौली रोड पर स्थित अमौली ब्लाक के नसेनिया गांव के स्व. महावीर प्रसाद अवस्थी बिंदकी के नेहरू इंटर कालेज में शिक्षक थे। उनके चार बेटों में प्रवक्ता योगेश चंद्र अवस्थी, प्रवक्ता केशव चंद्र अवस्थी, डा. सुरेश चंद्र अवस्थी, पूर्व प्रधान अवधेश चंद्र अवस्थी हैं। डा. सुरेश चंद्र अवस्थी जागृति के पिता हैं। उनकी मां मधुबाला अवस्थी महर्षि विद्या मंदिर सीनियर सेकेंड्री स्कूल छतरपुर की पूर्व गेम्स टीचर रही हैं। इसके बाद परिवार भोपाल में शिफ्ट हो गया। दंपती की संतानों में जागृति सबसे बड़ी हैं, जबकि बेटा सुयश अवस्थी नेशनल एलिजिबिलिटी इंट्रेंस टेस्ट (नीट) प्रतियोगी परीक्षा पास करके बीते साल से एमबीबीएस कर रहे हैं।

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जागृति ने बताया कि 2017 में मौलाना आजार नेशनल इंस्टीट््यूट आफ टेक्नोलाजी से बीटेक किया। इसके बाद भेल में बतौर इंजीनियर ज्वाइङ्क्षनग की। आइएएस की तैयारी के लिए वह दिल्ली गईं, लेकिन तीन माह की तैयारी के दौरान कोरोना संक्रमण आ गया, जिससे उन्हें भोपाल लौटना पड़ा। फिर आनलाइन पढ़ाई करके इस मुकाम को हासिल किया। मौसी के बेटे शिक्षक आदित्य पांडेय ने बताया कि जागृति ने जिले का नाम रोशन किया है और इस उपलब्धि से जिले के लोगों का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।

Posted By: Arvind Dubey