देश की टीम बालिका पुरस्कार के लिए रामु देवल का चयन

रामु देवल झाबुआ जिले के चैनपुरा गाँव के रहने वाले हैं। रामु का पूरा परिवार कृषि पर निर्भर है।

Updated: | Fri, 28 Jan 2022 10:12 AM (IST)

=झाबुआ,मध्यप्रदेश: ‘’राइट टू एजुकेशन’’ के तहत बालिका शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही संस्था एजुकेट गर्ल्स ने 17 दिसंबर को अपना 14वां स्थापना दिवस समारोह बहुत ही धूमधाम से मनाया। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एजुकेट गर्ल्स संस्था के 14वें स्थापना समारोह ऑनलाइन "झूम" ऐप्लिकेशन पर मनाया गया। इस ऑनलाइन समारोह में संस्था के स्वयंसेवक, कार्मिक, सरकारी अधिकारी तथा डोनर्स ने बड़ी मात्रा में जुड़ कर समारोह को सफल बनाया। समारोह में 3,900 से भी अधिक लोगों ने ऑनलाइन और 9500+ लोगों ने जिला सस्तर पर हिस्सा लिया।

14वें स्थापना दिवस समारोह के खास अवसर पर झाबुआ जिले के मेघनगर ब्लॉक में संस्था के टीम बालिका (स्वयंसेवक) रामु देवल के बालिका शिक्षा और समाज के प्रति उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें “देश की टीम बालिका" के रूप में चुना गया।

रामु देवल झाबुआ जिले के चैनपुरा गाँव के रहने वाले हैं। रामु का पूरा परिवार कृषि पर निर्भर है वही रामु रोज़गार के लिए ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं। रामु अपने गाँव के सबसे पढ़े लिखे व्यक्ति हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिसके जरिए सफलता पाई जा सकती है। इसलिए रामु हमेशा से अपने बच्चों के साथ साथ गाँव के अन्य बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ना चाहते हैं और हर बालक और बालिका को शिक्षित होता देखन चाहते हैं । रामु एजुकेट गर्ल्स संस्था के साथ पिछले 4 वर्षों से टीम बालिका के रूप में लगातार सहयोग कर रहे हैं। गृह संपर्क, लड़कियों का चिन्हीकरण, बालिका शिक्षा के लिए मोहल्ला मेटिंग का आयोजन, दस्तावेजीकरण इस माध्यम से अब तक 12 बालिकाओं का नामांकन भी करा चुके हैं। कोरोना महामारी के दौर में भी रामु ने समाज और बच्चों को शिक्षिक और जागरूक किया। शुरुआत में जब लोग टीकाकरण करने से झिझक रहे थे, उस वक़्त रामु ने खुद का टीकाकरण करा कर एक मिसाल पेश की जिसके बाद उनके गाँव के सभी लोगों ने भी टीकाकरण कराया। रामु के इन कार्यों के लिए उन्हें जन अभियान परिषद (आर्थिक सांख्यिकी विभाग) द्वारा सम्मानित भी किया गया।

महामारी के दौरान जब स्कूल बंद हो चुके थे, उस वक़्त भी रामु ने संस्था के समुदाय आधारित शिक्षण कार्यक्रम "कैम्प विद्या" में हिंदी और गणित में कौशल निर्माण के साथ और सरकार के DigiLEP जैसे लर्निंग ऐप्स के माध्यम से बच्चों को कठिन समय में भी शिक्षा से जोड़े रखा।

एजुकेट गर्ल्स संस्था के झाबुआ जिले डिस्ट्रिक्ट लीड अभिषेक झा ने बताया, “हमारी पूरे टीम के लिए यह गर्व की बात है कि हमारे ज़िले की टीम बालिका रामू देवल को "देश की टीम बालिका" अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से टीम बालिकाओं के उज्जवल भविष्य के लिए विभिन्न प्रशिक्षण आयोजित किये जाते है। हमें हमारी सभी टीम बालिकाओं से अपेक्षा है कि इसमें वे सभी बढ़-चढ़कर सहभागिता करें और हमारे ज़िले का नाम यूँ ही रौशन करते रहें।"

एजुकेट गर्ल्स के बारे में: एजुकेट गर्ल्स एक ग़ैर-लाभकारी संस्था है जो भारत के ग्रामीण और शैक्षिक रूप से पिछड़े इलाकों में बालिकाओं की शिक्षा के लिए समुदायों को प्रेरित करता है। सरकार के साथ साझेदारी में काम करते हुए एजुकेट गर्ल्स वर्तमान में राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 21,000 से अधिक गांवों में सफलतापूर्वक कार्यरत है। सामुदायिक स्वयंसेवकों की बड़ी संख्या को सहभागी बनाते हुए, एजुकेट गर्ल्स स्कूल से वंचित बालिकाओं की पहचान, नामांकन, और स्कूलों में ठहराव बनाए रखने और सभी बच्चों (दोनों - बालिकाओं और बालकों) के लिए साक्षरता और अंक गणितीय योग्यता में बुनियादी सुधार के लिए मदद करता है । अधिक जानकारी के लिए: www.EducateGirls.ngo | Facebook | LinkedIn | Twitter | Instagram | Blog | YouTube

Posted By: Arvind Dubey